हाजीपुर के चिनिया केला और गया के तिलकुट को जल्द मिलेगा GI टैग, जानें किसानों को क्या होगा फायदा

Updated at : 11 Feb 2025 5:40 PM (IST)
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GI टैग

हाजीपुर के चिनिया केला और गया के तिलकुट समेत छह उत्पादों को जल्द मिलेगा GI टैग जीआई टैग वाले उत्पादों के उत्पादकों की सुविधा के लिए सबौर कृषि विश्वविद्यालय में बनेगा विशेष केंद्र

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बिहार के कृषि और खाद्य उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक और कदम उठाया जाने वाला है. हाजीपुर के मशहूर चिनिया केला और गया के तिलकुट सहित राज्य के 6 उत्पादों को जल्द ही भौगोलिक संकेतक यानि GI टैग मिलने वाला है. पटना में नाबार्ड बिहार क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की जानकारी दी गई. नाबार्ड के अधिकारियों ने कहा कि इन उत्पादों को GI टैग मिलने से न सिर्फ इनकी पहचान मजबूत होगी बल्कि बाजार में इनकी कीमत भी बढ़ेगी.

किसानों और उद्यमियों को मिलेगा बड़ा फायदा

GI टैग मिलने से इन उत्पादों की गुणवत्ता और विशिष्टता को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी. इससे किसानों को अपने उत्पाद की बेहतर कीमत मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही इन उत्पादों की फर्जी बिक्री पर भी रोक लगेगी.

सबौर कृषि विश्वविद्यालय में बनेगा विशेष केंद्र

GI टैग वाले उत्पादों को बढ़ावा देने और उत्पादकों को सहायता देने के लिए भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय में एक विशेष केंद्र बनाया जाएगा. इस केंद्र के जरिए किसानों और उद्यमियों को तकनीकी सहायता और मार्केटिंग के बेहतर अवसर मिलेंगे.

जीआई टैग का क्या महत्व है?

जीआई टैग किसी क्षेत्र विशेष के उत्पाद की विशिष्टता और गुणवत्ता की पहचान का प्रतीक है. इसे प्राप्त करने के बाद उस उत्पाद की फर्जी ब्रांडिंग बंद हो जाती है और वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना पाता है.

बिहार के अन्य उत्पाद भी कतार में

हाजीपुर के चिनिया केला और गया के तिलकुट के अलावा राज्य के चार अन्य उत्पादों के लिए जीआई टैग आवेदन की प्रक्रिया चल रही है. इससे किसानों और उद्यमियों को बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है.

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ऋण बढ़ाने की है जरूरत

अधिकारियों ने कहा कि बिहार में संभावनाओं की कमी नहीं है, जरूरत है ऋण प्रवाह बढ़ाने की. राज्य के आधे जिलों को उनकी जरूरत के मुताबिक ऋण नहीं मिल पा रहा है. नाबार्ड राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है.

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Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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