कचरा कलेक्शन व ट्रांसपोर्टेशन की छूट

शहरी निकायों का क्लस्टर (समूह) बना कर कचरे का प्रबंधन किये जाने की योजना पर ब्रेक लग गया है. अब पटना सहित चंद बड़े शहरों में ही क्लस्टर सिस्टम लागू रहेगा.
संवाददाता, पटना.
शहरी निकायों का क्लस्टर (समूह) बना कर कचरे का प्रबंधन किये जाने की योजना पर ब्रेक लग गया है. अब पटना सहित चंद बड़े शहरों में ही क्लस्टर सिस्टम लागू रहेगा. शेष सभी छोटे व मध्यम श्रेणी के शहरों में स्थानीय निकाय अपने स्तर पर कचरे का कलेक्शन और परिवहन करेंगे. इसको लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग जल्द ही निकायों को गाइडलाइन जारी कर देगा. नगर विकास एवं आवास विभाग ने छोटे शहरों से कम मात्रा में कचरा उत्पादन होने के चलते ऐसा निर्णय लिया है.
दरअसल विभाग ने राज्य में 24 क्लस्टर बनाकर 161 निकायों को इससे जोड़ने की योजना बनायी थी. शेष 100 निकायों के लिए स्थानीय शहर में ही कचरा प्रबंधन किया जाना था. क्लस्टर के तहत पांच-छह निकायों को किसी एक निकाय के साथ टैग कर कचरा प्रबंधन कार्य किया जाना था. इसके तहत एक निकाय को नोडल बना कर उससे टैग शहरों के कचरा कलेक्शन, परिवहन से लेकर प्रोसेसिंग की पूरी जिम्मेदारी नोडल शहर को मिलनी थी. यहां ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन एवं निस्तारण किया जाना था. लेकिन, योजना के अनुपालन में आ रही तकनीकी परेशानियों को देखते हुए अब क्लस्टर को पटना, मुजफ्फरपुर, गया जैसे बड़े शहरों तक ही सीमित कर दिया गया है.
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