बिहार में बनेगा पहला आर्यभट्ट स्पेस क्लब, ISRO के सहयोग से छात्रों को मिलेगी स्पेस साइंस की ट्रेनिंग

Author Karunatiwari|Edited by Karuna Tiwari
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आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय

Aryabhatta Gyan University: बिहार में अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय 'आर्यभट्ट स्पेस क्लब ऑफ बिहार' की स्थापना कर रहा है. यह पहल छात्रों को स्पेस साइंस, AI और सैटेलाइट कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण और शोध के अवसर प्रदान करेगी.

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पटना से अंबर की रिपोर्ट

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Aryabhatta Gyan University: बिहार में अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल होने जा रही है. आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) राज्य का पहला 'आर्यभट्ट स्पेस क्लब ऑफ बिहार' स्थापित करेगा. इस पहल का उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को स्पेस साइंस, रिसर्च, इनोवेशन और नई तकनीकों से जोड़ना है. इसके लिए विश्वविद्यालय भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की तैयारी कर रहा है.

स्कूल से विश्वविद्यालय तक के छात्र होंगे शामिल

विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह स्पेस क्लब राज्य स्तरीय मंच के रूप में कार्य करेगा. इसके माध्यम से बिहार के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं से परिचित कराना है.

स्पेस साइंस से लेकर AI तक मिलेगा प्रशिक्षण

स्पेस क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी, अर्थ ऑब्जर्वेशन एवं जीआईएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर स्पेस, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, न्यू स्पेस मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड कैपेसिटी बिल्डिंग, स्टेम एजुकेशन और इनोवेशन एंड स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण और शोध के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे.

ISRO के साथ एमओयू से मिलेगा व्यावहारिक अनुभव

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ISRO के साथ प्रस्तावित एमओयू के बाद छात्रों को अंतरिक्ष अभियानों, सैटेलाइट तकनीक और स्पेस रिसर्च से जुड़ी गतिविधियों को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा. इसके अलावा कार्यशालाएं, मॉडल सैटेलाइट परियोजनाएं, विज्ञान संवाद, इनोवेशन प्रतियोगिताएं और विशेषज्ञों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे.

स्पेस सेक्टर में करियर के नए अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्पेस सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी. एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, डेटा एनालिटिक्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट एप्लीकेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में यह पहल बिहार के छात्रों के लिए बेहतर करियर का मार्ग खोल सकती है.

उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे विशेषज्ञ

स्पेस क्लब के उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व उप सेनाध्यक्ष (ऑपरेशन) लेफ्टिनेंट जनरल पी.जे.एस. पन्नू (सेवानिवृत्त) मुख्य वक्ता होंगे. कार्यक्रम में राज्यभर के विश्वविद्यालयों के कुलपति, कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी भाग लेंगे. क्लब के संरक्षक आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव हैं.

बिहार के स्पेस इकोसिस्टम को मिलेगी नई दिशा

विश्वविद्यालय का मानना है कि यह पहल बिहार में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को मजबूत करेगी. यदि ISRO और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग लगातार मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार के युवा अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकेंगे.

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