Famine in Bihar: अकाल के मुहाने पर बिहार, 21 जिलों में हर साल सुखाड़ के हालात

Author Ashish jha
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Famine in Bihar: कृषि विभाग की ओर से राज्य में सुखाड़ के ट्रेंड के विश्लेषण करने के दौरान ये तथ्य सामने आये हैं. विश्लेषण में विभाग ने इसे इसे खेती-किसानी के लिए चुनौती माना है. लाखों किसानों की आजीविका से जुड़ा मसला बताया गया है.

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Famine in Bihar: मनोज कुमार, पटना. राज्य के 21 जिलों में हर साल सुखाड़ की स्थिति बन रही है. इन जिलों में औसत से 59 फीसदी तक कम बारिश हो रही है. जबकि 14 जिलों में स्थिति सामान्य रह रही है. मगर, कभी-कभी इन 19 जिलों में किसी साल 19 प्रतिशत तक कम बारिश भी हो जाती है. तीन जिलों में सूखे का असर नहीं है. इन तीनों जिलों में औसत से 60 फीसदी तक अधिक बारिश होती है.

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इन जिलों में सूखे का असर नहीं

कृषि विभाग की ओर से राज्य में सुखाड़ के ट्रेंड के विश्लेषण करने के दौरान ये तथ्य सामने आये हैं. विश्लेषण में विभाग ने इसे इसे खेती-किसानी के लिए चुनौती माना है. लाखों किसानों की आजीविका से जुड़ा मसला बताया गया है. राज्य के तीन जिले पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और सीवान में सूखे का असर नहीं है. इन तीनों जिलों में सामान्य से 60 फीसदी अधिक तक बारिश होती है. कम बारिश का ट्रेंड इन तीनों जिलों में न���ीं है.

इन 14 जिलों में लगभग सामान्य स्थिति

बक्सर, भभुआ, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, किशनगंज में सामान्य स्थिति बनी रह रही है. इन जिलों में कभी 19 फीसदी तक कम या अधिक बारिश हो रही है.

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इन 21 जिलों में हर साल सुखाड़ से खेती प्रभावित

रोहतास, भोजपुर, पटना, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, वैशाली, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, सहरसा, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका जिले सुखाड़ प्रभावित हैं. 11 सौ से 12 सौ एमएम राज्य में बारिश का औसत आंकड़ा है. इन जिलों में 59 फीसदी तक बारिश कम हो रही है. किसी साल इन जिलों में कहीं-कहीं 19 फीसदी तक अधिक बारिश का भी आंकड़ा दर्ज किया गया है.

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