20 साल में पहली बार ईद पर गांधी मैदान से दूर रहे नीतीश कुमार, बेटे निशांत को आगे बढ़ा रही जेडीयू?
गांधी मैदान में अशोक चौधरी के साथ निशांत
Bihar Politics: ईद 2026 के मौके पर बिहार की सियासत में बड़ा संकेत देखने को मिला. करीब 20 साल में पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी मैदान के ईद मिलन समारोह में नहीं पहुंचे. उनकी जगह बेटे निशांत कुमार ने कमान संभाली, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.
Bihar Politics: देशभर में ईद का त्योहार हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन बिहार की सियासत में इस बार ईद ने एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है. पटना के गांधी मैदान में आयोजित पारंपरिक नमाज और ईद मिलन समारोह में इस बार एक अहम बदलाव देखने को मिला. बीते 20 सालों में पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस आयोजन में शामिल नहीं हुए. उनकी जगह इस बार उनके बेटे निशांत कुमार ने मोर्चा संभाला और पूरे कार्यक्रम में एक्टिव नजर आए. उनके साथ अशोक चौधरी भी मौजूद थे.
मुस्लिम समुदाय के लोगों से की मुलाकात
पटना के गांधी मैदान में आयोजित ईद मिलन समारोह में निशांत कुमार ने न सिर्फ शिरकत की बल्कि मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात कर भाईचारे का संदेश भी दिया. वे लोगों के बीच सहजता से घुले-मिले और सेवइयों का आनंद लेते हुए नजर आए. कार्यक्रम के बाद वे जेडीयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के आवास भी पहुंचे, जहां राजनीतिक मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं.

सोशल मीडिया से दी CM ने बधाई
हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद कार्यक्रम में शामिल नहीं होकर सोशल मीडिया के जरिए राज्यवासियों को ईद की मुबारकबाद दी. लेकिन उनकी गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
नीतीश की परंपरा और इस बार का बदलाव
नीतीश कुमार को मुस्लिम समुदाय के प्रति संवेदनशील नेता के रूप में जाना जाता रहा है. वे हर साल गांधी मैदान पहुंचकर नमाजियों से मिलते थे और ईद की बधाई देते थे. यही नहीं, वे इमामों से भी मुलाकात कर सामाजिक सौहार्द का संदेश देते रहे हैं. राजनीतिक जानकारों को 2014 की वह घटना भी याद आ रही है, जब नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे का विरोध करते हुए नीतीश कुमार ने एनडीए से अलग होने का फैसला लिया था.
क्या निशांत की सियासी एंट्री का संकेत?
इस बार ईद के मंच पर निशांत कुमार की मौजूदगी को सिर्फ औपचारिक नहीं माना जा रहा. सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह एक बड़ा राजनीतिक संकेत हो सकता है. हाल ही में निशांत ने जदयू की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा है. इसके बाद से उनकी गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं. उन्होंने पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों, जिलाध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है.
इफ्तार से लेकर संगठन तक, हर जगह एक्टिव निशांत
इस साल आयोजित इफ्तार पार्टी में भी निशांत कुमार पूरी तरह एक्टिव दिखे थे. पारंपरिक टोपी पहनकर वे अपने पिता के अंदाज में नजर आए, जिसने राजनीतिक संकेतों को और मजबूत कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, वे पार्टी की सिस्टम को करीब से समझने के साथ-साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं से फीडबैक भी ले रहे हैं.
Also Read: बिहार STF ने नवादा में PLFI नक्सलियों की साजिश को किया नाकाम, 40 किलो विस्फोटक पकड़ा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










