पटना के कंकड़बाग में दिनदहाड़े डकैती का प्रयास, दुकान के तीन कर्मियों ने बहादुरी से रोकी लाखों की लूट

अपराधी दुकान में धक्का-मुक्की करते हुए अंदर घुस गए. इसके बाद पांच में से दो अपराधियों ने पिस्टल निकाला और तान दिया. जबकि तीन ने चाकू निकाल लिया. इसका जब दुकान के कर्मी ने विरोध किया तो एक अपराधी ने उनके सिर पर पिस्टल के बट से प्रहार कर घायल कर दिया
पटना में शनिवार की सुबह करीब 9.45 बजे पांच की संख्या में रहे नकाबपोश हथियारबंद अपराधियों ने कंकड़बाग मेन रोड श्रीराम हॉस्पिटल के सामने स्थित रत्नों की दुकान सह ज्योतिषी परामर्श केंद्र रत्न विहार में दिनदहाड़े डकैती का प्रयास किया. इस दौरान एक कर्मी मुंदीर सिंह का पिस्टल के बट से प्रहार कर सिर फोड़ दिया और दुकान संचालक जय सिंह के भाई सह कर्मी आलोक सिंह की सोने की चेन छीन ली. दुकान के तीन कर्मियों मुंदीर सिंह, ब्रजेश सिंह व आलोक सिंह की बहादुरी के कारण लाखों के रत्न व अन्य सामान लूटने से बच गया और अपराधियों को वहां से बाहर की ओर भागना पड़ा.
भागने के क्रम में दुकान को बाहर से बंद कर दिया, लेकिन कर्मियाें ने बालकोनी से हो-हल्ला कर दिया. दुकान के अंदर लूट होने की सूचना मिलने पर लोग व आसपास के दुकानदार भी जुट गये और पांच अपराधियों में से एक को पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी. लोग उसे मार ही डालते, लेकिन घटना की जानकारी मिलने पर कंकड़बाग थाने की पुलिस पहुंची और उसे अपने हिरासत में ले लिया. उसके पास से एक पिस्टल भी बरामद किया गया है. चार निकल भागने में सफल रहे. पकड़े गये अपराधी का नाम दिलीप कुमार उर्फ कल्लू है, जो पटना सिटी का रहने वाला है. पुलिस इसकी निशानदेही पर अन्य अपराधियों को पकड़ने के लिए शनिवार की देर रात तक छापेमारी कर रही थी.
सूत्रों का कहना है कि एक और अपराधी देर रात पकड़ा गया. घटना की सारी कहानी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी है. दुकानदार जय सिंह ने अपराधी दिलीप व अन्य के खिलाफ में कंकड़बाग थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी है. सदर डीएसपी काम्या मिश्रा भी मामले की जानकारी मिलने पर कंकड़बाग थाना पहुंची और पकड़े गये अपराधी से पूछताछ की.
रत्न विहार दुकान श्रीराम हॉस्पिटल के सामने स्थित बिल्डिंग के तीसरे तल्ले पर है. इस दुकान के ही एक भाग में कर्मियों के रहने के लिए भी कमरा है और दुकान मालिक की मां भी इलाज को लेकर आयी हुई थी. इसी बीच करीब 9.45 बजे दो नकाबपोश अपराधी पहुंचे और दुकान का दरवाजा खुलवाया. कर्मी मुंदीर सिंह ने दरवाजा खोला तो उनसे यह पूछा कि यहां रत्न मिलता है? इस पर मुंदीर सिंह ने बताया कि रत्न या स्टोन 12 बजे के बाद मिलता है.
इसी बीच तीन और अपराधी पहुंच गये और सभी मुंदीर को धक्का-मुक्की करते हुए दुकान के अंदर आ गये. इसके बाद पांच में से दो अपराधियों ने पिस्टल निकाला और तान दिया. जबकि तीन ने चाकू निकाल लिया. इसका जब मुंदीर ने विरोध किया तो एक अपराधी ने उनके सिर पर पिस्टल के बट से प्रहार कर घायल कर दिया और आलोक सिंह के गले से सोने की चेन छीन ली. लेकिन वहां मौजूद मुंदीर, आलोक व ब्रजेश सिंह उन अपराधियों से भिड़ गये तो अपराधी डर गये और पकड़े जाने की भय से भागने लगे.
इस दौरान दुकान के बाहर का दरवाजा भी बंद कर दिया. लेकिन कर्मियों ने जब हो-हल्ला किया तो पांच में से एक अपराधी को सीढ़ी से नीचे उतरने के क्रम में ही लोगों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया. दुकान जिस बिल्डिंग में है वह बिहार के एक बड़े राजनेता के रिश्तेदार आशित सिंह की है. रत्न विहार दुकान के मालिक जय सिंह ने बताया कि अपराधियों का इरादा लूटपाट का था, लेकिन उनके कर्मियों की बहादुरी के कारण लूट होने से बच गया. उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है.
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