Coronavirus Third Wave: कोरोना का तीसरा लहर भी होगा खतरनाक, बच्चों पर मंडरा सकता है बड़ा खतरा? बिहार में शुरू हुई बचाव की तैयारियां

Mumbai: A BMC health worker does the screening of a child passenger for COVID-19 test, at a railway station in Mumbai, Thursday, May 27, 2021. (PTI Photo/Kunal Patil)(PTI05_27_2021_000068A)
कोरोना के दूसरे लहर ने बिहार समेत पूरे देश को काफी नुकसान पहुंचाया है. कोरोना वायरस का प्रभाव अभी सूबे में कम हुआ है. प्रदेश में पिछले कइ दिनों से लगातार नये मरीजों की संख्या घटी है जिसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है. लेकिन अभी खतरे टले नहीं है. पिछले साल आई पहली लहर से लड़ने के बाद हमारी निश्चिंती हमपर भारी पड़ी और इस साल दूसरे लहर की दसतक ने हमें अपनी चपेट में अचानक ले लिया. अब दूसरे लहर पर बहुत हद तक लगाम तो लग गयी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तीसरे लहर को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर चुकी है. वहीं डॉक्टरों ने तीसरे लहर के खतरे को लेकर आगाह भी किया है.
कोरोना के दूसरे लहर ने बिहार समेत पूरे देश को काफी नुकसान पहुंचाया है. कोरोना वायरस का प्रभाव अभी सूबे में कम हुआ है. प्रदेश में पिछले कइ दिनों से लगातार नये मरीजों की संख्या घटी है जिसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है. लेकिन अभी खतरे टले नहीं है. पिछले साल आई पहली लहर से लड़ने के बाद हमारी निश्चिंती हमपर भारी पड़ी और इस साल दूसरे लहर की दसतक ने हमें अपनी चपेट में अचानक ले लिया. अब दूसरे लहर पर बहुत हद तक लगाम तो लग गयी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तीसरे लहर को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर चुकी है. वहीं डॉक्टरों ने तीसरे लहर के खतरे को लेकर आगाह भी किया है.
कोरोना के तीसरे लहर ने संकेत देना शुरू कर दिया है. चंद महीनों की राहत के बाद फिर उसी अफरातफरी का माहौल सामने बन सकता है जो पहले और अभी कोरोना के दूसरे लहर में बना है. इससे निपटने की तैयारी बिहार में शुरू हो चुकी है. इसी क्रम में बिहार सरकार के पहल पर दो दिवसीय कोविड-19 एवं क्रिटिकल केयर प्रबंधन पर ट्रेनिंग सत्र का आयोजन पटना एम्स में किया गया. जिसमें कोरोना के तीसरी लहर से निपटने के तरीके बताए गए. इस लहर की चपेट में आए मरीजों के इलाज कैसे हों और क्या सावधानी बरतनी जरुरी है, ऐसे मुद्दों पर चर्चा की गई. साथ ही सरकार के तरफ से किये जाने वाले पहल पर भी बात हुई. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने इस सत्र का उद्घाटन किया.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एम्स के पीडिएट्रिक सर्जरी विभाग के हेड का कहना है कि थर्ड वेब एक कल्पना नहीं है बल्कि ये एक सच्चाई है. अमेरिका का डाटा बताता है कि थर्ड वेब वहां दस्तक दे चुका है और लाखों बच्चे इसकी चपेट में आ गए हैं. इस हिसाब से भारत में करोड़ों बच्चों पर इसका खतरा बना हुआ है. उन्होंने तीन से चार महीने के अंदर इस वेब की संभावना जताई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है. हालांकि कोरोना के तीसरे लहर में बच्चों के संक्रमित होने का कोई वैज्ञानिक आधार अभी सामने नहीं है. चूंकि बच्चों को अभी कोरोना का टीका नहीं पड़ा है इसलिए उनपर खतरा जरुर बना हुआ है. और उसी अनुमान पर अभी सतर्क रहना जरुरी होगा.
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रही है. रिकवरी रेट 95% के पार जा चुका है, जबकि संक्रमण दर दो फीसदी से नीचे आ गयी है. दूसरी लहर की शुरुआत कमोबेश मार्च के अंतिम दिनों व अप्रैल के शुरुआत से हुई थी. एक अप्रैल से लेकर 28 मई के दौरान लगभग 58 दिनों में दूसरी लहर ने राज्य में जमकर कहर बरपाया है. सिर्फ 58 दिनों में चार लाख 37 हजार 155 लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 3425 लोगों की मौत कोरोना से अधिकारिक तौर पर हो चुकी है. कोरोना का तीसरा लहर भी होगा खतरनाक तथा Latest News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें।
POSTED BY: Thakur Shaktilochan
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