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75 दिनों से अधिक की दाखिल-खारिज के लंबित मामलों में सीओ पर जुर्माना

Updated at : 22 Jun 2025 12:45 AM (IST)
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75 दिनों से अधिक की दाखिल-खारिज के लंबित मामलों में सीओ पर जुर्माना

डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने राजस्व मामले की समीक्षा में 75 दिनों से अधिक के लंबित दाखिल-खारिज के 694 मामलों को लेकर नाराजगी व्यक्त की.

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संवाददाता, पटना

डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने राजस्व मामले की समीक्षा में 75 दिनों से अधिक के लंबित दाखिल-खारिज के 694 मामलों को लेकर नाराजगी व्यक्त की. साथ ही दाखिल-खारिज के 2240 अस्थायी केस को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया. उन्होंने संबंधित डीसीएलआर को आरटीपीएस अधिनियम के तहत हर एक लापरवाह सीओ के विरुद्ध 75 दिनों से अधिक दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की संख्या के अनुसार प्रति मामले पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का निर्देश दिया. संपतचक में 290, दीदारगंज में 118, बिहटा में 68, दानापुर में 44 व फुलवारीशरीफ में 43 मामले 75 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं. इसके बाद भी अगर लापरवाह सीओ के कार्यों में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं हुआ, तो उनके निलंबन व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी. डीएम ने अपर समाहर्ता को पिछले छह माह में विभिन्न मानकों पर खराब प्रदर्शन करने वाले सीओ की सूची उपलब्ध कराने को कहा है. ऐसे सीओ के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी. उन्होंने कहा कि डॉ आंबेडकर समग्र सेवा अभियान के तहत 3226 आवेदन मिले हैं. 15 दिनों के अंदर 50 प्रतिशत आवेदनों को भूमिहीन लोगों को अभियान चलाकर विधिवत जमीन की बंदोबस्ती करने का अधिकारियों को निर्देश दिया.

पांच राजस्वकर्मी निलंबित होंगे

डीएम ने अपर समाहर्ता को विभिन्न आवेदनों के निबटारा में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच राजस्व कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने को कहा है. इन राजस्व कर्मचारियों के विरूद्ध विधिवत निलंबन की कार्रवाई की जाएगी. जिन अंचलों में दाखिल-खारिज के सबसे पुराने वाद अब भी लंबित हैं, ऐसे 10 सर्वाधिक पुराने वादों की अपर समाहर्ता समीक्षा कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट करेंगे. इस मामले में शिथिलता बरतने वाले सीओ के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी. डीसीएलआर को अपने-अपने क्षेत्र के अंचलों के राजस्व कार्यों की मॉनीटरिंग करने को कहा गया. परिमार्जन प्लस की दोनों श्रेणियों में 120 दिन से अधिक अवधि से लंबित सभी मामलों को अविलंब निबटारा करने का निर्देश दिया. सभी डीसीएलआर को भूमि विवाद निराकरण (बीएलडीआरए), म्यूटेशन अपील एवं अभियान बसेरा के मामलों में विशेष रुचि लेते हुए त्वरित निबटारा करने को कहा गया.बीएलडीआरए कोर्ट में 90 दिनों से अधिक के लंबित मामलों को नियमानुसार व म्यूटेशन अपील के 30 दिनों से अधिक लंबित मामले को विधिवत निबटारा करें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KUMAR PRABHAT

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