कैंपस : विद्यालय से बाहर बच्चों और किशोरों की पहचान के लिए चलेगा गृहवार सर्वेक्षण
Author :Prabhat Khabar News Desk
Published by :Prabhat Khabar News Desk
Updated at :22 Nov 2024 7:12 PM
विज्ञापन

मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विद्यालय से बाहर बच्चों व किशोरों की पहचान के लिए पटना जिले में गृहवार सर्वेक्षण शुरू किया जायेगा.
विज्ञापन
संवाददाता, पटना
मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विद्यालय से बाहर बच्चों व किशोरों की पहचान के लिए पटना जिले में गृहवार सर्वेक्षण शुरू किया जायेगा. इस अभियान के तहत विद्यालय से बाहर के छह से 14 वर्ष के बच्चों और 15 से 19 वर्ष के किशोरों की पहचान की जायेगी. विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान के बाद उन बच्चों की उम्र के हिसाब से सापेक्ष कक्षा में नामांकन कराया जायेगा. जिन बच्चों ने नौवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी है, उनको 10वीं और 12वीं की शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूरस्थ शिक्षा सुविधा दी जायेगी. चिह्नित किये गये बच्चों के एकत्रित आंकड़े को शिक्षा विभाग के प्रबंध पोर्टल अपलोड किया जायेगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने गृहवार सर्वेक्षण अभियान चलाने के लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक को पत्र लिख कर निर्देशित किया है.सर्वेक्षण कार्य में लगाये जायेंगे युवा शिक्षक, हेल्प डेस्क होगा गठित
विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान के लिए प्रखंड स्तर पर हेल्प डेस्क का गठन किया जायेगा. इसमें युवा शिक्षक नोडल के रूप में नामित किये जायेंगे. नामित शिक्षक अपने क्षेत्र के बूथ स्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ) से अपने पोषक क्षेत्र की मतदाता सूची प्राप्त करेंगे. इसके आधार पर वैसे घरों को चिह्नित करेंगे, जिनके बच्चे लंबे समय से स्कूल नहीं जा रहे हैं. इसके साथ ही वैसे बच्चे, जिनका नामांकन अब तक किसी स्कूल में नहीं हुआ है. इसमें विद्यालय के शिक्षक, टोला सेवक, आंगनबाड़ी सेविका, विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्य सहयोग करेंगे. स्कूल में इन बच्चों के नामांकन के बाद बाल पंजी में नाम दर्ज किया जायेगा.शहरी क्षेत्र में घुमंतू बच्चों को किया जाएगा चिह्नित
शहरी क्षेत्र में वैसे बच्चे, जो रेलवे स्टेशन, मंदिर-मस्जिद, चौक-चाराहों पर घुमंतू जीवन जीते हैं, उन्हें चिह्नित किया जायेगा. ऐसे बच्चों के लिए विशेष रणनीति जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के नेतृत्व में बनायी जायेगी. इस रणनीति के तहत बिहार से बाहर के एक-एक बच्चे के संबंध में सूचना का संग्रह किया जायेगा. इसमें स्थानीय समुदाय, गैर सरकारी संस्थाएं, पुलिस प्रशासन, रेल प्रशासन, स्थानीय निकाय की भी मदद ली जायेगी. इसके साथ ही इसमें जिला समाज कल्याण विभाग से भी सहयोग लिया जायेगा.कोट : 30 दिसंबर तक का है लक्ष्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अभियान के तहत विद्यालय से बाहर के बच्चों को चिह्नित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है. यह अभियान 15 नवंबर से शुरू किया गया है. 30 दिसंबर तक जिले में विद्यालय से बाहर के बच्चों व किशोरों को चिह्नित करने का लक्ष्य रखा गया है. इन बच्चों की उम्र के हिसाब से उन्हें सापेक्ष कक्षा में नामांकन कराया जायेगा. 10वीं और 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई के लिए एनआइओएस और बीबोस में पंजीकृत किया जायेगा. सभी चिह्नित बच्चों का आंकड़ा प्रबंध पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा.–
संजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पटना B
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










