BPSC: 'हम लोग शांत नहीं बैठेंगे', अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के बाद खान सर का बड़ा बयान

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 06 Dec 2024 4:08 PM

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BPSC: खान सर ने कहा है कि जब तक नॉर्मलाइजेशन वापस नहीं होगा हम लोग शांत नहीं बैठेंगे. BPSC के अंदर धांधली चल रही है. सीटों को बेचा जा रहा है.

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BPSC: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन को लेकर अभ्यर्थियों का पटना में महाआंदोलन चल रहा है. हजारों की संख्या में अभ्यर्थी नॉर्मलाइजेशन को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. बीपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. इस लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी घायल हो गए. इस मुद्दे पर मशहूर शिक्षक खान सर ने कहा है कि बीपीएससी में गड़बड़ी चल रही है. डीएसपी और एसडीएम की सीटों को बेचा जा रहा है.

खान सर बोले- नॉर्मलाइजेशन रद्द होने के बाद ही जायेंगे वापस

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे खान सर ने कहा, ‘जब तक नॉर्मलाइजेशन खत्म नहीं होगा तब तक आंदोलन चलेगा. मैं अभ्यर्थियों का साथ दूंगा. नॉर्मलाइजेशन जब रद्द होगा तब वापस जाएंगे. हम खुद यहीं रहेंगे. बीपीएससी आधिकारिक बयान जारी करे कि नॉर्मलाइजेशन लागू नहीं होगा. औपचारिक स्टेटमेंट आ नहीं रहा है. बीपीएससी के अंदर गड़बड़ी चल रही है. डीएसपी और एसडीएम की सीटें यह लोग बेच रहे हैं. नॉर्मलाइजेशन में नुकसान होगा. एक अभ्यर्थी से अलग और दूसरे अभ्यर्थी से अलग सवाल पूछा जाएगा. परीक्षा में एक ही सेट का प्रश्नपत्र होगा तो सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेंगे.’

जेल ले जाए लेकिन…

खान सर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभ्यर्थी अफवाह नहीं फैला रहे हैं. उनकी मांग जायज है. फॉर्म भरने के समय भी उन्हें परेशानी हुई थी. उन्होंने बताया कि फॉर्म भरने की आखिरी तिथि के दो-तीन दिन पहले से सर्वर डाउन हो गया था. इस वजह से करीब 80 हजार अभ्यर्थी फॉर्म ही नहीं भर पाए. उनके लिए भी अलग से व्यवस्था की जाए. खान सर ने सख्त लहजे में कहा कि प्रशासन हमलोग पर लाठीचार्ज करे, जेल ले जाए लेकिन जब तक नॉर्मलाइजेशन वापस नहीं लिए जायेगा तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे. हम लोग अनिश्चित कालीन धरना देंगे. बाबा साहेब के बताए हुए रास्ते पर चलेंगे और अपनी मांग मनवा कर ही मानेंगे.

क्या होता है नॉर्मलाइजेशन? (What is Normalization)

नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस को तब अपनाया जाता है जब परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बहुत अधिक हो जाती है. इस प्रोसेस में दो या उससे अधिक शिफ्ट में परीक्षा ली जाती है. किस पाली में कितने प्रश्न का अभ्यर्थी अटेम्प्ट लेते हैं, उन्हें कितना नंबर आता है. इसी आधार पर प्रश्नपत्र आसान था या कठिन इसका आकलन किया जाता है. नॉर्मलाइजेशन लागू होने के बाद आसान पाली वाले के नंबर के हिसाब से कम नंबर लाने के बावजूद मुश्किल पाली वालों के नंबर में बढ़ोतरी कर दी जाती है. कभी-कभी नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस के कारण कम नंबर लाने वाले अभ्यर्थी का मार्क्स काफी बढ़ जाता है तो कभी-कभी अच्छे मार्क्स लाने वाले अभ्यर्थी का नंबर कम कर दिया जाता है. इसी बात को लेकर इतना बवाल हो रहा है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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