ePaper

Bihar: पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली को किया जा रहा दुरुस्त, सारण समेत तीन जिलों में होगी बेहतर सिंचाई

Updated at : 10 Apr 2024 10:13 AM (IST)
विज्ञापन
Bihar: पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली को किया जा रहा दुरुस्त, सारण समेत तीन जिलों में होगी बेहतर सिंचाई

Bihar: पटना. बिहार में पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली को दुरुस्त किया जा रहा है. इस काम के पूरे हो जाने से सारण समेत तीन जिलों में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी.

विज्ञापन

Bihar: पटना. राज्य में पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली से सारण, सीवान और गोपालगंज जिला के करीब तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बेहतर सिंचाई क्षमता विकसित करने की तैयारी की जा रही है. इसके तहत जल संसाधन विभाग ने करीब 1.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता का सृजन करने की योजना पर काम शुरू किया है. साथ ही मुख्य नहर और इससे निकलने वाले पुराने वितरणियों को ठीक कर करीब 1.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को विकसित करने की तैयारी की है. इसपर सारण जिले में काम शुरू हो चुका है. इसका मकसद गंडक में आने वाली बाढ़ के पानी का अधिकतम इस्तेमाल सिंचाई के लिए करना और बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकना है.

इलाके को बाढ़ से मिलेगी मुक्ति

सूत्रों के अनुसार इस समय गंडक नदी में आने वाली बाढ़ से बहुत बड़े इलाके में सबसे अधिक तबाही होती है. यहां कभी मई , तो कभी जून में ही बाढ़ आ जाती है. दरअसल गंडक नेपाल से बहती हुई वाल्मीकिनगर में बराज के माध्यम से बिहार में प्रवेश करती है. अधिक पानी होने पर इसमें बाढ़ आ जाती है और गंडक नदी के बाढ़ से इलाके में तबाही भी शुरू हो जाती है. ऐसे में जल संसाधन विभाग ने बाढ़ के इस पानी का उपयोग अधिक- से- अधिक सिंचाई कार्यों में करने की योजना बनायी है.

Also Read: Bihar: पटना के निजी स्कूल की टाइमिंग में बदलाव, गर्मी को लेकर ग्राउंड असेंबली बंद

फिलहाल करीब 11.50 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता

वाल्मीकिनगर बराज से निकलने वाली नहरों से सात जिला के 11.50 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता:राज्य में वाल्मीकिनगर बराज से निकलने वाली नहरों से फिलहाल करीब सात जिला के करीब 11.50 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता है. खासकर गंडक नदी से खरीफ फसलों के लिए 5.35 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती है. इसमें पूर्वी नहर प्रणाली से करीब 3.38 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती है. वहीं , पश्चिमी नहर प्रणाली से करीब 1.96 लाख हेक्टेयर इलाके में सिंचाई होती है. इसके साथ ही गंडक की नहरों से रबी फसलों में करीब 1.51 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती है. ऐसे में नये नहरों के निर्माण से गंडक नदी की सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी होगी. साथ ही बाढ़ से होने वाले नुकसान में भी कमी आयेगी.

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन