Bihar Teacher Transfer: सिर्फ इन शिक्षकों को ट्रांसफर-पोस्टिंग में मिलेगी वरीयता, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 07 Oct 2024 8:41 PM

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Bihar Teacher Transfer: त्योहारी सीजन में बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया है. काफी लंबे वक्त से ट्रांसफर निति का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए रास्ता साफ हो गया है.

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Bihar Teacher Transfer: शिक्षक पति-पत्नी या बच्चों को कैंसर हो तो ट्रांसफर विकल्प के पंचायत,नगर निकाय,प्रखंड,अनुमंडल और जिला में किया जा सकता है, जबकि उनके स्वयं के गृह पंचायत व नगर निकाय और पति के गृह पंचायत व नगर निकाय के साथ-साथ वर्तमान पदस्थापन के पंचायत व नगर निकाय में ट्रांसफर नहीं किया जायेगा.
दिव्यांगता-दृष्टि,बाधित,मूक,अस्थि दिव्यांग के शिक्षक पति-पत्नी या बच्चों को कैंसर हो, तो ट्रांसफर विकल्प के पंचायत,नगर निकाय,प्रखंड,अनुमंडल और जिला में किया जा सकता है, जबकि उनके स्वयं के गृह पंचायत व नगर निकाय और पति के गृह पंचायत व नगर निकाय के साथ-साथ वर्तमान पदस्थापन के पंचायत व नगर निकाय में ट्रांसफर नहीं किया जायेगा.

शिक्षिका

विधवा व परित्यक्त शिक्षिका का ट्रांसफर विकल्प के पंचायत,नगर निकाय,प्रखंड,अनुमंडल और जिला में किया जा सकता है, जबकि उनके स्वयं के गृह पंचायत व नगर निकाय और पति के गृह पंचायत व नगर निकाय के साथ-साथ वर्तमान पदस्थापन के पंचायत व नगर निकाय में ट्रांसफर नहीं किया जायेगा.

पति के आधार पर

शिक्षिका के पति के पदस्थापन के आधार पर ट्रांसफर विकल्प के पंचायत,नगर निकाय,प्रखंड,अनुमंडल और जिला में किया जा सकता है, जबकि उनके स्वयं के गृह पंचायत व नगर निकाय और पति के गृह पंचायत व नगर निकाय के साथ-साथ वर्तमान पदस्थापन के पंचायत व नगर निकाय में ट्रांसफर नहीं किया जायेगा.

पुरुष शिक्षक

पुरुष शिक्षक का ट्रांसफर,जिला के दिये गये विकल्प के आधार पर केवल गृह अनुमंडल को छोड़कर सभी जगह किया जा सकेगा.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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