बिहार आकर डकैती-चोरी करनेवाले पांच राज्यों के अपराधी पटना में पकड़ाए, रेलवे स्टेशन के पास वाले घरों को बनाते थे निशाना
डकैती कांड में गिरफ्तार आरोपी
Bihar Robbery Gang Arrested : बिहटा के चर्चित केसरी एजेंसी डकैती कांड की जांच में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच राज्यों से जुड़े अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरोह रेलवे स्टेशन और रेलवे लाइन के आसपास स्थित मकानों को निशाना बनाकर चोरी और डकैती की घटनाओं को अंजाम देता था. पुलिस ने हथियार, कारतूस और अन्य आपराधिक उपकरण भी बरामद किए हैं.
Bihar Robbery Gang Arrested : (मोनू कुमार मिश्रा की रिपोर्ट) बिहटा के चर्चित केसरी एजेंसी (भारती टेलीविजन) डकैती कांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जांच के दौरान पांच राज्यों तक फैले एक अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ के दौरान केसरी एजेंसी संचालक के घर हुई डकैती में अपनी संलिप्तता स्वीकार करने के साथ-साथ बिहार के विभिन्न जिलों में हुई कई चोरी और डकैती की घटनाओं से जुड़े अहम खुलासे भी किये हैं.
करीब डेढ़ माह पूर्व हुई डकैती की घटना के बाद पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव था. घटना ने बिहटा समेत आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिये थे. इसके बाद पुलिस ने इसे प्राथमिकता में रखते हुए विशेष जांच शुरू की. तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई की गयी. जांच आगे बढ़ी तो एक ऐसे गिरोह का सुराग मिला, जिसके सदस्य अलग-अलग राज्यों से आकर बिहार में वारदातों को अंजाम देते थे.

पुलिस ने क्या किया खुलासा?
शनिवार को बिहटा थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में दानापुर-2 डीएसपी अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पाली हॉल्ट पुल के समीप भोजपुर निवासी फौजी के बाग-बगीचा में 12 से 15 अपराधी हथियारों के साथ एकत्रित होकर किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं. सूचना मिलते ही विशेष टीम का गठन कर इलाके की घेराबंदी की गयी. छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 14 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो गिरोह किसी बड़ी डकैती की घटना को अंजाम दे सकता था. गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, तीन बड़े लोहे के पेचकश, एक लोहे का पिलास, चार प्लास्टिक के गुलेल और 27 गिट्टी (कंकड़) बरामद किये गये हैं. पुलिस के अनुसार बरामद सामानों का इस्तेमाल वारदातों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भेदने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए किया जाता था.
पूछताछ के दौरान अपराधियों ने बिहटा स्थित केसरी एजेंसी (भारती टेलीविजन) संचालक के घर हुई डकैती में शामिल होने की बात स्वीकार की है. इसके अलावा कुल्हड़िया, बिहियां, बक्सर, विक्रमगंज और आसपास के अन्य इलाकों में हुई चोरी और डकैती की घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. पुलिस अब इन दावों का सत्यापन कर रही है और संबंधित थानों से संपर्क कर पुराने मामलों की फाइलें खंगाल रही है.

रेलवे स्टेशन के बगल के मकानों को बनाते थे निशाना
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन और रेलवे लाइन के आसपास स्थित मकानों को विशेष रूप से निशाना बनाते थे. अपराधियों का मुख्य मकसद घरों में रखे आभूषण और नकदी की लूट करना था. पुलिस के अनुसार गिरोह पहले इलाके की रेकी करता था और ऐसे घरों की पहचान करता था, जहां आसानी से प्रवेश किया जा सके.
पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह द्वारा विभिन्न स्थानों से बड़ी मात्रा में आभूषण और नकदी की चोरी व लूट की गयी थी. हालांकि लूटे गये आभूषणों को कहां और किस नेटवर्क के माध्यम से खपाया जाता था, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है. पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और आभूषण खरीदने वाले संभावित लोगों तथा गिरोह के सहयोगियों की पहचान में जुटी हुई है.
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से जुड़े हैं. पुलिस के अनुसार अपराधी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे और वारदात के बाद अलग-अलग राज्यों में चले जाते थे. यही वजह रही कि लंबे समय तक वे पुलिस की पकड़ से दूर रहे. गिरोह का काम करने का तरीका भी काफी संगठित था और इसके सदस्य एक-दूसरे के संपर्क में रहकर विभिन्न जिलों में घटनाओं को अंजाम देते थे.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों में कई ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है. उनके खिलाफ चोरी, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं. पुलिस अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है. साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियार उपलब्ध कराने वालों और वारदातों में सहयोग करने वाले लोगों की पहचान में जुटी हुई है.
डीएसपी अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि केसरी एजेंसी डकैती कांड की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर अन्य लंबित मामलों के भी खुलासे हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.
इस अभियान में बिहटा थानाध्यक्ष अमित कुमार समेत पुलिस अवर निरीक्षक रविन्द्र कुमार ततमा, मुकेश नारायण सिंह, राजू कुमार सिंह, राज कुमार, मो. अली शेख, सुजीत कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सलाउद्दीन, राम लखन सिंह, सुरेन्द्र कुमार, अखिलेश कुमार राय, तेज नारायण मंडल, दिनेश कुमार यादव, अशोक कुमार गिरी, असलम खान तथा बिहटा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. विशेष छापेमारी दल के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों में क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है. वहीं, चर्चित डकैती कांड के खुलासे से स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है.
गिरफ्तार अपराधियों के नाम
आनंद आदिवासी (22 वर्ष), धनबाद, झारखंड
आदर्श पवार (20 वर्ष), अहमदनगर, महाराष्ट्र
राधेश्याम उर्फ अरुण (25 वर्ष), जयपुर, राजस्थान
रोहन कुमार (45 वर्ष), प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
विशाल सिंह (24 वर्ष), गुना, मध्य प्रदेश
बदरूद्दीन (20 वर्ष), भोपाल, मध्य प्रदेश
सिद्धांत चौहान (25 वर्ष), गुना, मध्य प्रदेश
रोहित मोंगिया (19 वर्ष), प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
अन्य छह गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान और विस्तृत जानकारी पुलिस द्वारा सार्वजनिक नहीं की गयी है.
प्रमुख बरामदगी
2 देसी कट्टा
5 जिंदा कारतूस
3 बड़े लोहे के पेचकश
1 लोहे का प्लास
4 प्लास्टिक के गुलेल
27 गिट्टी (कंकड़)
आपराधिक इतिहास
बिहटा थाना कांड सं.– 482/26, दिनांक– 17.05.2026 (डकैती कांड)
विक्रमगंज थाना (रोहतास) कांड सं.– 391/26, दिनांक– 13.06.2026
विक्रमगंज थाना (रोहतास) कांड सं.– 356/26, दिनांक– 10.06.2026
कोइलवर थाना (भोजपुर) कांड सं.– 112/26, दिनांक– 15.05.2026
कोइलवर थाना (भोजपुर) कांड सं.– 113/26, दिनांक– 15.05.2026
बिहियां थाना (भोजपुर) कांड सं.– 164/26, दिनांक– 18.05.2026
रामपुर थाना (गया) कांड सं.– 225/24, दिनांक– 14.05.2024
बिहटा पुलिस की तीन माह में तीन बड़ी कामयाबी
पिछले तीन माह के दौरान बिहटा पुलिस ने तीन चर्चित मामलों का खुलासा किया है. सबसे पहले दया दुबे गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरगना समेत आठ सक्रिय अपराधियों को हथियारों संग गिरफ्तार किया.
इसके बाद महुआर बालू घाट पर हुए चर्चित लूटकांड का सफल उद्भेदन करते हुए पुलिस ने पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया.मामले में एक लाख रुपये के इनामी अपराधी आशीष कुमार उर्फ कल्लू की गिरफ्तारी भी शामिल रही. वहीं अब केसरी एजेंसी डकैती कांड की जांच के दौरान पांच राज्यों तक फैले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है.
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लेखक के बारे में
By Nikhil Anurag
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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