बिहार में दाखिल-खारिज में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और लापरवाही, राजस्व मंत्री ने 10 अधिकारियों पर की कार्रवाई

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दिलीप जायसवाल की फाइल फोटो

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Bihar Revenue Department Action: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है. राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने रिश्वतखोरी, दाखिल-खारिज में अनियमितता और सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में गड़बड़ी के आरोप में 10 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी है.

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Bihar Revenue Department Action: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है. विभागीय मामलों की समीक्षा के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 10 अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक और अनुशासनिक कार्रवाई को मंजूरी दी है. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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पटना सिटी की डीसीएलआर पर 15 लाख रिश्वत लेने का आरोप

सबसे चर्चित मामला पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) अभिलाषा सिन्हा से जुड़ा है. उन पर दाखिल-खारिज अपील मामले के निपटारे के बदले बिचौलिए के माध्यम से 15 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है. मामले में आरोप पत्र गठित करते हुए उनके निलंबन की अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी गई है.

हाजीपुर के तत्कालीन सीओ पर भी कार्रवाई

हाजीपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी मुकुल कुमार झा के खिलाफ निगरानी थाना में दर्ज भ्रष्टाचार मामले के आधार पर आरोप पत्र गठित किया गया है. वहीं औरंगाबाद के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नीलकमल कुमार सिन्हा पर मुख्यालय के एक अधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत देने की कोशिश करने का आरोप है. उनके खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

सीतामढ़ी और किशनगंज के अधिकारियों पर गंभीर आरोप

सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर में तैनात राजस्व अधिकारी विश्वामित्र खरवार पर बिना पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य के आवेदन खारिज करने और अमीन के माध्यम से 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है.

किशनगंज सदर के अंचल अधिकारी राहुल कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों को गलत तरीके से अस्वीकृत करने और उचित जांच के बिना सरकारी जमीन को रैयती घोषित करने के आरोप लगे हैं. उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

संपतचक और कुढ़नी के अधिकारियों पर भी गिरी गाज

पटना के संपतचक अंचल अधिकारी अमित कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों में अनावश्यक आपत्तियां लगाने और परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन में देरी करने का आरोप है. वहीं मुजफ्फरपुर के कुढ़नी के तत्कालीन राजस्व अधिकारी धीरज कुमार पर मुख्यालय से अनधिकृत अनुपस्थिति, कार्यों में लापरवाही और दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता बरतने के आरोप में विभागीय आरोप पत्र स्वीकृत किया गया है.

बांका में पदस्थापित अधिकारी के खिलाफ भी जांच

वर्तमान में बांका में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रंजीत कुमार के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई चल रही है.उन पर सहरसा में पदस्थापना के दौरान अतिक्रमण मामलों में नियमों के विपरीत आदेश देने और गलत जानकारी देकर वरीय अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप है.

समस्तीपुर की सीओ की वेतन वृद्धि रोकी गई

समस्तीपुर की अंचल अधिकारी पुष्पलता कुमारी पर दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता के आरोप साबित होने के बाद एक वेतन वृद्धि रोकने का दंड दिया गया है. यह दंड संचयी प्रभाव के बिना लगाया गया है.

बगहा की सीओ पर भी आरोप पत्र

पश्चिम चंपारण के बगहा-1 की अंचल अधिकारी नर्मदा श्रीवास्तव पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं. उन पर दाखिल-खारिज मामलों को लंबित रखने, सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने और न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है.

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सरकार कायम

राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है. उन्होंने कहा कि जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है. किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

एक महीने में 60 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई

विभाग लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई कर रहा है. 12 जून को भी आठ अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी गई थी. इन मामलों में रिश्वतखोरी, सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, दाखिल-खारिज में अनियमितता और कर्तव्य में लापरवाही जैसे आरोप शामिल थे.

राजस्व विभाग के अनुसार पिछले एक महीने में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में कुल 60 अधिकारियों और कर्मचारियों पर दंडात्मक एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जा चुकी है.

पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

सरकार का कहना है कि विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी.

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