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Bihar News: पूरा होगा, ग्रेटर पटना का सपना. पटना समेट 11 शहरों में बनेगी नोएडा जैसी टाउनशिप

Updated at : 06 Aug 2025 9:55 AM (IST)
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Bihar News: बिना अधिग्रहण बनेगा 'नया बिहार'. अब दिल्ली-नोएडा जैसी टाउनशिप विकसित होंगी, निजी ज़मीन मालिक होंगे.अब सरकारी योजनाओं में जबरन ज़मीन अधिग्रहण नहीं होगा.

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Bihar News: बिहार में शहरीकरण को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. ‘बिहार शहरी आयोजना स्कीम नियामावली 2025’ को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत अब बिना ज़मीन अधिग्रहण के ग्रीनफील्ड और सैटेलाइट टाउनशिप बसेंगी.

दिल्ली-नोएडा जैसी आधुनिक टाउनशिप अब बिहार के 11 प्रमुख शहरों में बसाई जाएंगी—और यह सब मुमकिन होगा लैंड पुलिंग मॉडल के जरिए, जिसमें जमीन मालिकों को मुआवज़ा नहीं, बल्कि विकास में सीधा हिस्सा मिलेगा

लैंड पुलिंग मॉडल पर आधारित होगी योजना

इस योजना के तहत भूमि मालिक अपनी जमीन सरकार को नहीं बेचेंगे, बल्कि योजना में योगदान के रूप में देंगे, बदले में उन्हें उसी क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं से युक्त विकसित भूखंड मिलेगा. इस मॉडल में किसी तरह की जबरन अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी. योजना का सारा व्यय पात्र निजी डेवलपर वहन करेंगे. सरकार पर वित्तीय भार नहीं पड़ेगा.

मंत्री ने बताया कि यह नीति भूमि मालिकों को क्षतिपूर्ति के बजाय अवसर देती हैं. न्यूनतम 100 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष थीम वाले टाउनशिप बसाने की योजना है. कुछ मामलों में यह सीमा 10 हेक्टेयर तक भी लाई जा सकती है. टाउनशिप में आवसीय, वानिज्यिक, औद्योगिक उपयोग के लिए क्षेत्र तय होंगे

जमीन मालिकों को सड़क किनारे प्लॉट मिलेगा

नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि इस मांडल से उन क्षेत्रों में भी विकास संभव होगा जो अभी जमीन मालिक हैं और जहा पहुंच की कोई व्यवस्था नहीं है. भूमि पुनर्गठन इस तरह से होगा कि मालिकों को सड़क किनारे प्लांट मिलेगा और एफएआर के आधार पर उन्हें ज्यादा निर्मित क्षेत्रफल की अनुमति दी जाएगी. विवादों के समाधान के लिए विशेष ट्रिब्यूनल और रिजाल्यूशन मैकेनिज्म की व्यवस्था की गई है.

जमीन का उपयोग प्रतिशत में तय होगा

सड़क निर्माण के लिए अधिकतम :22%
कमजोर वर्गो के लिए आवास: 3%
सामाजिक संरचना (पार्क, हास्पिटल, थाना, बिजली स्टेशन, ग्रीन एरिया आदि) :5%
भूमि मालिकों को लौटाई जाने वाली जमीन: 55%
डेवलपर को विक्रय योग्य भूमि : 15%

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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