बिहार के 50 % लोग सोशल मीडिया पर लाइक्स नहीं मिलने पर करते हैं ओवरथिंक, रिपोर्ट जानकर चौंक जायेंगे

Updated:
विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार के 60 प्रतिशत लोग जरूरत से ज्यादा सोचते हैं. लगभग 50 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर लाइक्स नहीं मिलने के कारण ओवरथिंक करते हैं. इसके साथ ही अन्य कई बड़े खुलासे महिला विकास मंत्रालय की रिपोर्ट में हुए.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार के लोगों से जुड़ी बेहद जरूरी बातें सामने आई. राज्य में 60 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो जरूरत से ज्यादा सोचते हैं. इसके साथ ही 50 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो सोशल मीडिया पर लाइक्स नहीं मिलने के कारण कई तरह की बातें सोचते हैं. साथ ही रेस्टोरेंट में क्या खाना है, यह फैसला लेने में करीब 40 प्रतिशत लोग 20 से 25 मिनट का समय लेते हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

महिला विकास मंत्रालय की रिपोर्ट

दरअसल, महिला विकास मंत्रालय की तरफ से किए गए सर्वे के बाद एक रिपोर्ट जारी किया गया, जिसमें बिहारियों को लेकर कई तरह के चौंकाने वाले खुलासे हुए. बिहार के लोग पठन-पाठन या काम की बातों से ज्यादा इधर-उधर की बातों पर समय लगाते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर लोग 24 घंटे में चार से पांच घंटे केवल सोचने में निकाल दे रहे हैं. दरअसल, इस सर्वे में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, नौकरीपेशा, बिजनेस करने वालों को शामिल किया गया था.

एक महीने तक हुआ सर्वे

जानकारी के मुताबिक, 15 जुलाई से 15 अगस्त एक सर्वे किया गया था. जिसमें करीब 30 लाख 90 हजार 675 लोग शामिल हुए. मंत्रालय की वेबसाइट पर एक लिंक दिया गया था. इसमें टटोटल 15 क्वेश्चन थे. जिसके जवाब सिर्फ हां या ना में देने थे. रिपोर्ट की मानें तो राज्य के 40 प्रतिशत यानी 30 लाख 90 हजार में 15 लाख के लगभग लोग रेस्टोरेंट में खाना चुनने में 20 से 25 मिनट लगा देते हैं. इस काम को ये सबसे कठिन मानते हैं.

महिलाओं से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे

इसके अलावा करीब 11 हजार लोग अगर किसी के लिए गिफ्ट लेना हो तो इसके लिए कई-कई घंटे लगा देते हैं. महिलाओं को लेकर रोचक खुलासे हुए हैं कि 30 लाख लोगों में से 18 लाख महिलाएं अधिक सोचती हैं. इसमें घर में हर दिन सुबह और रात में खाना बनाने से लेकर बच्चों को डांटने तक शामिल है. इसके अलावा कामकाजी महिलाएं ऑफिस के सहयोगी और बॉस के किसी बात पर डांटने से ज्यादा सोचने लगती है.

रिपोर्ट में से भी बड़े खुलासे

इस सबके अलावा रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि 4 प्रतिशत युवा रिल्स किस मुद्दे पर बनाई जाए, इस पर समय देते हैं. घूमने जाने के लिए सोचने पर तीन से चार घंटे देते हैं. साथ ही कौन से कपड़े पहनने हैं, इसके लिए 35 प्रतिशत लोग दो से तीन घंटे देते हैं. रोजी-रोजगार वाले अपने काम को लेकर 15 प्रतिशत तो वहीं 10 प्रतिशत स्टूडेंट अपनी पढ़ाई को बेहतर करने के बारे में सोचते हैं.

Also Read: Road Accident In Bihar: बिहार में शाम के 6 से रात के 9 बजे तक होती है ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं, रिपोर्ट में और भी बड़े खुलासे

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन