'शिक्षक इंसान हैं या मशीन...?' डबल ड्यूटी पर भड़के बिहार के MLC, बोले- ACS खुद कर के दिखाएं जनगणना

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 16 May 2026 12:12 PM

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बंसीधर ब्रजवासी की फाइल फोटो

Bihar Politics: बिहार में शिक्षकों पर जनगणना कार्य सहित डबल ड्यूटी लगाए जाने को लेकर तिरहुत स्नातक क्षेत्र से एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पहले पढ़ाने का दबाव और फिर फील्ड में जनगणना का काम. ये गलत है.

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Bihar Politics: बिहार के तिरहुत स्नातक क्षेत्र से एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी ने शिक्षकों पर डबल ड्यूटी लगाए जाने का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि शिक्षक पहले स्कूल में पढ़ाते हैं और फिर उन्हें जनगणना जैसे काम में भी लगा दिया जाता है. यह पूरी तरह गलत है.

उन्होंने कहा कि राज्य में 60 प्रतिशत से ज्यादा महिला शिक्षक हैं. उन पर पहले से ही घर और स्कूल दोनों की जिम्मेदारी है. ऐसे में अतिरिक्त काम देना सही नहीं है. इससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है.

सुबह 4 बजे से शुरू होता है दिन

एमएलसी ने कहा कि कई स्कूलों में मॉर्निंग शिफ्ट चल रही है. महिला शिक्षकों को सुबह 4 बजे उठना पड़ता है. वे घर का काम निपटाकर 6:30 बजे स्कूल पहुंचती हैं. फिर पूरे दिन पढ़ाने के बाद उन्हें जनगणना के लिए भी भेज दिया जाता है.

तेज धूप में जनगणना का काम

उन्होंने कहा कि स्कूल के बाद शिक्षकों को तेज धूप में जनगणना करनी पड़ती है. यह बहुत कठिन काम है. इससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर पड़ता है.

25-25 किलोमीटर दूर ड्यूटी

एमएलसी ने आरोप लगाया कि शिक्षकों को 25-25 किलोमीटर दूर जनगणना का क्षेत्र दिया जा रहा है. इससे उन्हें आने-जाने में भी परेशानी होती है. कई जगह फील्ड में भी दिक्कतें आती हैं.

सरकार पर श्रम कानून को लेकर सवाल

बंशीधर ब्रजवासी ने कहा कि यह कौन सा श्रम कानून है जिसके तहत इतना दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या शिक्षकों के अधिकारों की कोई चिंता नहीं है.

ACS पर सीधा हमला

उन्होंने शिक्षा विभाग के ACS पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर व्यवस्था सही है तो अधिकारी खुद एक प्रगणक क्षेत्र लेकर जनगणना करके दिखाएं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार इसके लिए भुगतान भी करेगी और वे एक लाख रुपये अतिरिक्त देने को तैयार हैं.

शिक्षकों की अनदेखी पर नाराजगी

एमएलसी ने कहा कि विभाग के बड़े अधिकारी शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. जब तक अधिकारी संवेदनशील नहीं होंगे, तब तक हालात नहीं बदलेंगे.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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