100 किमी घट जाएगी सुपौल-मधुबनी की दूरी, बन रहा देश का दूसरा सबसे लंबा पुल, देखें लेटेस्ट अपडेट

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 19 Dec 2025 8:54 PM

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AI फोटो

Bihar Kosi River Bridge: बिहार में कोसी नदी पर मधुबनी जिले से सुपौल जिले के तक बन रहा महासेतु राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा. 13.3 किमी लंबा यह पुल भारतमाला परियोजना के तहत तैयार हो रहा है. इससे दूरी, समय और आने-जाने की परेशानी में कमी आएगी.

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Bihar Kosi River Bridge: बिहार में कोसी नदी पर मधुबनी जिले के भेजा से सुपौल जिले के बकौर तक पुल का निर्माण एप्रोच सहित करीब 13.3 किमी लंबाई में करीब 1101.99 करोड़ की लागत से अगले साल पूरा होने की संभावना है. इतनी लंबाई में पुल का निर्माण होने से इसे महासेतु कहा जा रहा है. यह भारत का सबसे लंबा नदी पुल होगा.

क्या फायदा होगा

इस पुल का निर्माण भारतमाला परियोजना फेज-1 के तहत हो रहा है. इस पुल के बन जाने से सुपौल और मधुबनी की दूरी करीब 100 किमी से घटकर करीब 30 किमी रह जायेगी. वहां के लोगों को पटना और दरभंगा तक पहुंचना आसान हो जायेगा. ऐसे में सुपौल और मधुबनी के बीच कम समय में लोग आवागमन कर सकेंगे. साथ ही इस पुल से होकर नेपाल जाने में भी सुविधा होगी. पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचना भी आसान हो जायेगा.

इस वजह से लेट

सूत्रों के अनुसार इस पुल का निर्माण दिसंबर 2024 में ही पूरा होने की समयसीमा तय थी. इस पुल का निर्माण तेजी गति से चल रहा था, लेकिन मार्च 2024 में एक बड़ी दुर्घटना के बाद इसके कुछ हिस्से का निर्माण फिर से करना पड़ा, जिससे समय लग रहा है. उस दुर्घटना में निर्माण के दौरान एक गार्डर ढह गया था.

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पुल के बारे में जानें

इस पुल की लंबाई करीब 10.2 किमी है और इसका दोनों तरफ एप्रोच रोड करीब 3.1 किमी लंबी है. ऐसे में इसकी कुल लंबाई 13.3 किमी है. इसके साथ ही पुल की चौड़ाई 16 मीटर है, जिसमें 11 मीटर की कैरिजवे है. इसकी चौड़ाई इतनी है कि तीन गाड़ियां एक साथ दौड़ सकेंगी. इसके अलावा दोनों ओर फुटपाथ भी बना हुआ है. पुल को 170 पिलरों पर तैयार किया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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