Bihar News: गंगा-गंडक-कोसी-सोन बनेंगी विकास की धुरी, जलमार्गों से बढ़ेगा बिहार का व्यापार

Updated at : 23 Jan 2026 9:15 PM (IST)
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waterways trade news

AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में विकास की नई धारा बहने वाली है. नदियों के रास्ते व्यापार, परिवहन और रोजगार को नई रफ्तार मिलेगी. इसके लिए राज्य सरकार ने जलमार्गों के विकास का बड़ा और विस्तृत रोडमैप तैयार किया है.

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Bihar News: बिहार में अब नदियां सिर्फ जीवनरेखा ही नहीं, बल्कि व्यापार और विकास की नई धुरी बनने जा रही हैं. राज्य सरकार ने नदियों के रास्ते व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत और लॉन्ग टर्म रोडमैप तैयार किया है. इसके तहत गंगा समेत राज्य के सातों राष्ट्रीय जलमार्गों का चरणबद्ध विकास किया जाएगा. जिससे भारी माल ढुलाई से लेकर पर्यटन और रोजगार तक नए अवसर पैदा होंगे.

राज्य के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने शुक्रवार को कोच्चि में आयोजित इनलैंड वाटरवेज डेवलपमेंट काउंसिल (IWDC) की तीसरी बैठक में हिस्सा लिए. उन्होंने बिहार की जलमार्ग क्षमताओं और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया. श्रवण कुमार ने बताया कि गंगा, गंडक, कोसी और सोन जैसी प्रमुख नदियों के जरिए बालू, सीमेंट, स्टोन चिप्स, पावर प्लांट से जुड़ी भारी सामग्रियों की ढुलाई को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाएगा.

सागरमाला योजना से जुड़ेगा बिहार

परिवहन मंत्री ने कहा कि सागरमाला योजना के तहत बिहार में अंतर्देशीय जलमार्गों को मजबूत किया जा रहा है. पत्तन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) और राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान (NINI) के सहयोग से राज्य में पोर्ट लैंड विकसित होंगे. इसके साथ ही अंतर्देशीय (Inland) जल परिवहन विभाग के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे बिहार मैरीटाइम बोर्ड के गठन का रास्ता साफ होगा.

आरओ-आरओ टर्मिनल, क्रूज टर्मिनल, वाटर मेट्रो, लॉजिस्टिक हब, औद्योगिक क्लस्टर और मैरीटाइम जोन का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा. इससे प्राइवेट इन्वेस्टमेंट भी आकर्षित होगा और बुनियादी ढांचा तेजी से तैयार होगा.

युवाओं को मिलेगा रोजगार

स्किल डेवलपमेंट पर भी सरकार का खास फोकस है. NINI के मार्गदर्शन में बक्सर, भागलपुर और दरभंगा में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे. जहां जहाज संचालन, रखरखाव और लॉजिस्टिक से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.

फिलहाल राज्य में 21 सामुदायिक जेटी मौजूद हैं. जिन्हें बढ़ाकर 38 किया जाएगा. नए जेटी के साथ व्यापारिक हाट भी विकसित होंगे, जिससे स्थानीय व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा.

सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल

मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि जलमार्ग सड़क और रेल की तुलना में कहीं सस्ता माध्यम है. जलमार्ग से माल ढुलाई की लागत मात्र 1.3 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर है. जबकि रेल से 2.41 और सड़क से 3.62 रुपये खर्च होते हैं. जलमार्गों के उपयोग से न केवल परिवहन लागत घटेगी, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक 30-40 प्रतिशत तक कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी.

सोनपुर और पटना बनेंगे हब

सोनपुर के कालुघाट में विकसित मल्टीमॉडल टर्मिनल की सालाना क्षमता 77 हजार कंटेनर की है. जहां जल, रेल और सड़क तीनों का कनेक्शन मौजूद है. वहीं पटना में वाटर मेट्रो अब हकीकत बन रही है. दो हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामरन जहाज जल्द शुरू होंगे. जो शून्य उत्सर्जन के साथ शहर में नई पहचान बनाएंगे.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

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अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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