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Bihar: सरकारी स्कूलों के बच्चे अब सीखेंगे बागबानी के गुर, पटना के 565 स्कूलों का हुआ चयन

Updated at : 11 Apr 2024 12:10 PM (IST)
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Bihar: सरकारी स्कूलों के बच्चे अब सीखेंगे बागबानी के गुर, पटना के 565 स्कूलों का हुआ चयन

Bihar: बिहार के स्कूलों में अब बच्चों को बागबानी का गुर सीखने को मिलेगा. बच्चों को प्रकृति से जोड़ा जायेगा. पटना जिले के 565 स्कूलों का चयन किया गया है. स्कूल के प्रधानाध्यापक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

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Bihar: पटना. बिहार में सरकारी स्कूलों के बच्चे अब बागबानी के गुर सीखेंगे. पटना जिले के 565 स्कूलों का इस परियोजना के लिए चयन किया गया है. जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ ही बागबानी के गुर सिखाने के लिए पोषण वाटिका तैयार की जायेगी. इसके लिए जिले में 565 स्कूलों का चयन किया गया है. सूची में वैसे ही स्कूलों को शामिल किया गया है, जहां ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए पर्याप्त जगह और सिंचाई के लिए पानी की सुविधा है. पहले चरण में मई माह से स्कूलों में ऑर्गेनिक फार्मिंग की शुरुआत की जायेगी.

इन पौधों की होगी खेती

इसमें बच्चों को पालक, गोभी, टमाटर, मटर व अन्य सीजनल सब्जियों की खेती के तरीके और सिंचाई के बारे में जानकारी दी जायेगी. पहले चरण में चयनित स्कूलों में ऑर्गेनिक फार्मिंग की शुरुआत की जायेगी. ऑर्गेनिक फार्मिंग की शुरुआत करने के लिए सभी प्रखंड पदाधिकारी और प्रधानाध्यापकों को इसकी जिम्मेदारी दी गयी है. अलग-अलग क्लास के बच्चों को एक पीरियड में ऑर्गेनिक फार्मिंग के तरीके बारे में जानकारी दी जायेगी.

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दी जायेगी सब्जियों के पोषण तत्वों की जानकारी

किस मौसम में कैसी सब्जियों का सेवन करना चाहिए और अलग-अलग मौसम में पाये जाने वाली सब्जियों में कौन-कौन-सा पोषण तत्व होता है, इसकी भी जानकारी बच्चों को दी जायेगी. स्कूलों में उपजायी गयी मौसमी सब्जियों के सेवन के फायदे और उसमें पाये जाने वाले विटामिन के बारे में भी बच्चों को बताया जायेगा. बच्चों द्वारा उपजायी गयी सब्जियों का इस्तेमाल स्कूलों में मिड डे मील में भी किया जायेगा. डीइओ संजय कुमार ने बताया कि अंकुरण प्रोजेक्ट तहत पोषण वाटिका तैयार करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पोषण युक्त हरी ताजा सब्जियां खिलाना है, ताकि बच्चों में खून की कमी और कुपोषण दूर हो सके.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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