Bihar Bhumi: जमीन के दाखिल-खारिज में सुस्ती बरतने वालों पर भड़के विभाग के सचिव, सभी कलेक्टर को भेजा लेटर
Published by : Preeti Dayal Updated At : 19 Jan 2026 12:08 PM
सरकारी जमीन के दाखिल-खारिज में सुस्ती बरतने पर सभी कलेक्टर को लेटर जारी
Bihar Bhumi: बिहार में सरकारी जमीन के दाखिल-खारिज में सुस्ती बरतने पर राजस्व विभाग के मुख्य सचिव ने कड़ा एक्शन लिया. उन्होंने सभी कलेक्टर को लेटर भेजा है. इसके जरिए उन्होंने जल्द से जल्द बचे हुए विवादों का निपटारा करने का आदेश दिया है.
Bihar Bhumi: बिहार में सरकारी जमीनों के दाखिल-खारिज के मामले जल्द निपटाने को लेकर मंत्री विजय सिन्हा ने बड़ा आदेश दिया था. इसके बाद राज्य में सरकारी जमीन का दाखिल-खारिज अब तक 22.86 प्रतिशत ही हुआ है. कई अंचलों में तो एक भी सरकारी जमीन का दाखिल-खारिज नहीं किया गया. ऐसे में लापरवाही सामने आने पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कड़ा एक्शन लिया.
विभाग के सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टर को लेटर लिखा. इसके जरिए सचिव ने सरकारी जमीन से जुड़े विवाद का जल्द ही निपटारा कर लेने का आदेश दिया. लेटर में सचिव ने लिखा, अलग-अलग प्रोसेस से मिले या नोटिफाइड सरकारी जमीन की जमाबंदी सृजन के लिए विभाग ने दिशा-निर्देश दिया है. इसके लिए सरकारी भूमि दाखिल-खारिज पोर्टल भी बनाया गया है. इसके बावजूद राज्य में सरकारी जमीन के दाखिल-खारिज मामले का सिर्फ 22.86 प्रतिशत ही निपटारा हो सका है.
लेटर में और क्या कुछ लिखा?
लेटर में यह भी जिक्र किया गया है कि राज्य के कई अंचलों में सरकारी जमीन के दाखिल-खारिज के एक भी मामले का सॉल्यूशन नहीं किया गया है. इससे यह क्लियर होता है कि अंचल लेवल पर इस काम को लेकर गंभीरता नहीं बरती जा रही है.
सचिव ने की यह अपील
विभाग के सचिव ने सभी कलेक्टर से अपील की है कि वे संबंधित अंचल अधिकारियों को सरकारी जमीन के दाखिल-खारिज से जुड़े सभी बचे हुए मामलों का जल्द निपटारा करने का आदेश जारी करें. यह आदेश सभी एडीशनल कलेक्टर, अनुमंडल पदाधिकारियों, भूमि सुधार डिप्टी कलेक्टर और अंचल अधिकारियों को भी सूचना के लिए भेजा गया है.
क्या कहना है डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का?
उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकारी जमीन का तय समय पर दाखिल-खारिज बेहद जरूरी है. किसी भी कंडीशन में सरकारी जमीन का प्राइवेट नाम पर दर्ज होना रोका जा सकेगा. इस दिशा में उठाये गये सख्त कदम सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए है. सरकारी जमीन रिकॉर्ड्स की शुद्धता राज्य के इंडस्ट्रीलाइजेशन और विकास से जुड़ी है.
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By Preeti Dayal
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