Bhumi Survey: जमीन सर्वे के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, अब सर्वे के लिए मालिक की मौजूदगी जरूरी नहीं
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 26 Oct 2024 2:30 PM
bihar land survey
Bhumi Survey: बिहार में जारी जमीन सर्वे के नियम में बड़ा बदलाव हुआ है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन सर्वे के दौरान भौतिक सत्यापन या किस्तवार प्रक्रम के समय जमीन मालिक की उपस्थिति के नियम में बदलाव किया है.
Bhumi Survey: बिहार में भूमि सर्वेक्षण 20 अगस्त से जारी है. इस दौरान लोगों ने कई तरह की परेशानियों का सामना किया. रैयतों को कार्यालयों के कई बार चक्कर काटने पड़े. घूसखोरी की भी खूब खबरें सामने आई. विरोध बढ़ता देख इसके नियमों में कई बार बदलाव किया गया. भूमि मालिकों की परेशानी कम करने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाये गए. अब इसी कड़ी में जमीन सर्वे के दौरान भौतिक सत्यापन या किस्तवार प्रक्रम के समय जमीन मालिक की उपस्थिति को लेकर नया नियम लाया गया है.
संबंधित विभाग ने कहा है कि अब सर्वे के लिए जमीन मालिक की मौजूदगी आवश्यक नहीं है, हालांकि यह अनिवार्यता के दायरे में नहीं आती है. विभाग के नए नियम के मुताबिक यदि भू मालिक सर्वे के समय स्वयं स्थल पर उपस्थित नहीं हो सकते, तो उनके किसी भरोसेमंद और अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति सर्वे कर्मियों को जमीन के खंड की पहचान में मदद कर सकते हैं.

टोल-फ्री नंबर जारी
विभाग ने बताया कि रैयतों को प्रतिनिधि भेजना भी अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि कोई जान पहचान का भरोसेमंद व्यक्ति वहां मौजूद रहता है तो इससे सर्वे प्रक्रिया में आसानी होती है. इसके अलावा विभाग ने लोगों की समस्या कम समय में निपटाने के लिए एक टोल–फ्री नंबर- 18003456215 जारी किया है, जिस पर भू मालिक संपर्क कर सकते हैं. बता दें कि सर्वेक्षण प्रक्रिया के तहत सबसे अधिक सवाल वंशावली और खतियान से जुड़े आ रहे हैं. वंशावली बनवाने के लिए किसी पंचायत प्रतिनिधि से सिग्नेचर की आवश्यक नहीं है. भू मालिक या उनके वंशज स्वघोषणा प्रपत्र-2 फॉर्म भरकर अंचल कार्यालय में जमा कर सकते हैं या ऑनलाइन भू–अभिलेख की वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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