बिहटा में दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं बीडीओ, अधिकारियों की सुरक्षा की उठाई मांग

काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं बीडीओ
बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर राज्यभर के प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) ने छपरा की घटना के विरोध में काली पट्टी बांधकर नियमित सरकारी कार्य किया. उन्होंने अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
Patna News: बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर बुधवार को भी बिहटा समेत राज्य के सभी प्रखंडों में प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) ने काली पट्टी बांधकर नियमित सरकारी कार्य किया. अधिकारियों ने छपरा में सरकारी ड्यूटी के दौरान बीडीओ पर हुए हमले के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए सरकार से अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई.
बिहटा प्रखंड कार्यालय में बीडीओ शिवजनम राम ने काली पट्टी बांधकर पूरे दिन कार्यालयीन कार्यों के साथ-साथ आम लोगों के कार्यों का भी निष्पादन किया. उन्होंने कहा कि सरकारी दायित्व निभाने वाले अधिकारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. छपरा की घटना ने फील्ड में कार्यरत अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि अधिकारी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा.
फील्ड में कार्यरत अधिकारियों की सुरक्षा पर जतायी चिंता
बीडीओ शिवजनम राम ने कहा कि प्रखंड स्तर के अधिकारी विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, निरीक्षण, अतिक्रमण हटाने, विधि-व्यवस्था से जुड़े कार्यों तथा अन्य प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के लिए लगातार फील्ड में रहते हैं. ऐसे में कई बार उन्हें प्रतिकूल परिस्थितियों और असामाजिक तत्वों का सामना करना पड़ता है. इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था आवश्यक है.
उन्होंने सरकार से मांग की कि फील्ड ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को आवश्यकता के अनुसार पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करायी जाए, पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिये जाएं तथा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिकारी निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें.
राज्यभर में जारी रहा सांकेतिक विरोध
बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर राज्यभर के बीडीओ दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराते हुए नियमित सरकारी कार्य करते रहे. संघ का कहना है कि यह विरोध किसी सरकारी कार्य को बाधित करने के लिए नहीं, बल्कि अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. अधिकारियों ने मांग की कि हमले के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
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