पटना के इन नामी रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों में मिला खराब पनीर, खोवा व काजू, खाद्य सुरक्षा विभाग भेजेगा नोटिस

सांकेतिक तस्वीर
Patna Food Safety : पटना के छह नामी रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है. जांच में पनीर, खोवा, क्रीम और काजू की गुणवत्ता खराब पाई गई है, जिसके बाद विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.
Patna Food Safety : राजधानी पटना के छह नामी रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों में इस्तेमाल की जा रही खाद्य सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई है. जांच में इन प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे पनीर, खोवा, क्रीम और काजू की गुणवत्ता निर्धारित मानकों से कम पाई गई है. खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
13 जून को हुई थी छापेमारी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 13 जून को पटना के छह प्रतिष्ठानों में छापेमारी की थी. कार्रवाई कंकड़बाग कॉलोनी मोड़ से टेंपो स्टैंड और द्वारिका कॉलेज के बीच स्थित शालीमार स्वीट्स, सेवन रेस्टोरेंट, नोवेल्टी, चिनार, चना और मोतीचूर स्वीट्स के कारखानों और गोदामों में की गई थी.
छापेमारी के दौरान पनीर, धनिया, हल्दी, काली मिर्च, खोवा, क्रीम, काजू और अन्य मसालों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे.
पनीर से बने उत्पादों की बिक्री पर लगाई गई थी रोक
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी मुकेश कश्यप ने बताया कि जांच के दौरान संदेहास्पद खाद्य सामग्री की बिक्री पर तत्काल रोक लगाते हुए उसे जब्त कर लिया गया था. साथ ही पनीर से तैयार होने वाले सभी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई थी. यह कार्रवाई आम लोगों से मिली शिकायतों के आधार पर की गई थी.
गुरुवार को भेजा जाएगा नोटिस
विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित सभी प्रतिष्ठानों को गुरुवार को नोटिस भेजा जाएगा. नोटिस मिलने के बाद प्रतिष्ठानों को जांच रिपोर्ट को चुनौती देने के लिए पांच दिनों का समय दिया जाएगा.
यदि संचालक आपत्ति दर्ज कराते हैं तो खाद्य नमूनों की दोबारा जांच भारत सरकार की रेफरल लैब में कराई जाएगी. दोबारा जांच का खर्च संबंधित प्रतिष्ठानों को वहन करना होगा. यदि तय समय में रिपोर्ट को चुनौती नहीं दी गई तो मामला न्यायालय भेजा जाएगा.
तीन से पांच लाख रुपये तक लग सकता है जुर्माना
खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत भोजन परोसने के मामले में संबंधित प्रतिष्ठानों पर तीन से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. विभाग के अनुसार जांच में पनीर, खोवा, क्रीम और काजू की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं मिली. कई खाद्य सामग्रियों से दुर्गंध भी आ रही थी, जो उनकी खराब गुणवत्ता का संकेत है.
अन्य इलाकों में भी चलेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजधानी के अन्य इलाकों में भी जल्द छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है. इसके तहत बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, पाटलिपुत्र कॉलोनी और कुर्जी स्थित कई प्रसिद्ध रेस्टोरेंट एवं मिठाई दुकानों की भी जांच की जाएगी. खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी मुकेश कश्यप ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और आम लोगों से मिलने वाली शिकायतों के आधार पर लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा.
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