पटना में सही तरीके से लोगों तक नहीं पहुंच रहा आयुष्मान योजना का लाभ, अब तक 12 फीसदी ही हासिल हुआ लक्ष्य
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Jan 2023 3:16 AM
आयुष्मान योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी होने वाले खर्च को कम करना और बिहार समेत देशभर में 50 करोड़ गरीब भारतीयों को सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस गुणवत्तापूर्ण इलाज करना है.
आनंद तिवारी, पटना: पांच लाख तक के निशुल्क इलाज के लिए बनाये जाने वाले आयुष्मान कार्ड में पटना जिला लगातार लक्ष्य से पीछे रह रहा है. आलम यह है कि सरकारी अस्पतालों में संसाधन की कमी और प्राइवेट अस्पतालों का महंगा खर्च सेहत पर भारी पड़ता है. केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का लाभ भी परिवारों को नहीं मिल पा रहा है. पटना जिले में 4 साल में 29 लाख लोगों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना था, लेकिन अब तक मात्र 3 लाख 42 हजार लोगों का ही कार्ड बन पाया है. यानी लक्ष्य के करीब 11 प्रतिशत ही लोगों का कार्ड बन पाया है.
मरीजों का आयुष्मान कार्ड नहीं होने से गंभीर बीमारी उनकी जेब पर काफी भारी पड़ रही है. आयुष्मान कार्ड होने से उनका इलाज प्राइवेट अस्पताल में भी मुफ्त हो जाता, लेकिन पटना में ऐसा नहीं हो रहा है. अस्पतालों में महंगा इलाज मरीजों को बेहाल कर रहा है. जब राजधानी पटना में यह हाल है तो बिहार के अन्य 38 जिलों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है. जबकि भारत सरकार ने वर्ष 2018 में ही बिहार समेत पूरे भारत में एक साथ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की थी.
इस स्वास्थ्य बीमा योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी होने वाले खर्च को कम करना और बिहार समेत देशभर में 50 करोड़ गरीब भारतीयों को सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस गुणवत्तापूर्ण इलाज करना है. इस योजना में लाभार्थी को सेकेंडरी एवं टर्शियरी केयर में इलाज की सुविधा प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा होता है, जिससे किसी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज नि:शुल्क होता है.
पटना में अब तक लगभग 3 लाख 42 हजार लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है. इसमें 135345 परिवारों को चिह्नित किया गया है. पटना जिले में कुल टारगेट 29,90,294 है, जिनका आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है. अगर परिवार की संख्या की बात करें, तो 5,55,543 लाभार्थी परिवार पटना जिले में हैं. अब कैंपेनिंग कर उनका कार्ड बनाया जा रहा है, जिससे आयुष्मान योजना का लाभ उन्हें मिल सके.
प्रशासन का कहना है कि ठंड की छुट्टी पर आने वालों की विशेष कैंपेनिंग कर गोल्डन कार्ड बनाया जायेगा. प्रशासन कैंपेनिंग चला रहा है जिसके तहत बाहर करने वाले प्रदेश से अपने घर आये हैं. अब उन्हें टारगेट कर कॉमन सर्विस सेंटर एवं यूटीआइ के माध्यम से अधिकांश लोगों को बीआइएस कर निशुल्क कार्ड प्रदान किया जाना है.
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आयुष्मान कार्ड को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है. हालांकि वर्तमान में ठंड की छुट्टी को लेकर प्रयास किया जा रहा है, माना जा रहा है कि लोग घर पर हैं उन्हें आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से बुलाकर कार्ड बनाया जा सकता है. लेकिन 4 साल में कोई तेजी नहीं दिखायी गयी है.
सिविल सर्जन डॉ केके राय का कहना है कि आयुष्मान कार्ड बनाने वाले लोगों को भी जागरूक होना चाहिए, ताकि उनका अधिक से अधिक कार्ड बन सके. इतना ही नहीं इसके लिए जिला कार्यक्रम समन्वयक पटना एवं इस कार्य में लगे सभी लोगों को अधिक से अधिक लोगों को कार्ड जारी कराने को कहा गया है. सिविल सर्जन का कहना है कि उम्मीद है कि एक माह में अधिकतर लोगों का कार्ड बनाने में हम कामयाब होंगे.
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