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जन- जन की भाषा बनाने के लिए संस्कृत को करें आत्मसात : डॉ सतीश चंद्र झा

Updated at : 01 Apr 2025 1:07 AM (IST)
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जन- जन की भाषा बनाने के लिए संस्कृत को करें आत्मसात : डॉ सतीश चंद्र झा

संस्कृत भारती बिहार प्रांत के कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय सम्मेलन 30 व 31 मार्च को पटना में आयोजित हुआ.

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संवाददाता, पटना संस्कृत भारती बिहार प्रांत के कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय सम्मेलन 30 व 31 मार्च को पटना में आयोजित हुआ. सोमवार को राजकीय संस्कृत महाविद्यालय के सभागार में समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ सतीश चंद्र झा ने कहा कि संस्कारित होने के लिए हमें संस्कृत का ज्ञान होना आवश्यक है. जन-जन की भाषा बनाने के लिए हमें संस्कृत भाषा को आत्मसात करने की आवश्यकता है. मंत्री डॉ श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं को नूतन दायित्वों की घोषणा करते हुए पाथेय के रूप में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार व संवर्धन के लिए उत्साहवर्धन किया. वहीं सह प्रांत मंत्री डॉ अभिषेक द्विवेदी ने संगठन को दृढ़ करने की जानकारी दी. कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण प्रमुख देवनिरंजन दीक्षित व धन्यवाद ज्ञापन आचार्य गणेश ने किया. कार्यक्रम में प्रधानाचार्य सह नगर अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार झा, डॉ रमेश कुमार झा, डॉ रामसेवक झा, डॉ सुधीर कुमार झा, डॉ रामेश्वरधारि सिंह, डॉ शशिकांत तिवारी, गोपालकृष्ण मिश्र, डॉ राघव कुमार मिश्र, राजकिशोर, सुनील कुमार प्रधान, डॉ चंद्रशेखर आजाद सहित 150 से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AJAY KUMAR

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