तिरंगे में लिपटकर घर लौटे बिहार के दो लाल, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, हर आंख नम, हर दिल गर्व से भरा
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 14 Jun 2026 2:48 PM
बिहटा एयरपोर्ट पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते एयरफोर्स के अधिकारी
IAF Plane Crash: असम विमान हादसे में शहीद हुए बिहार के दो वीर सपूतों, अग्निवीर दानिश आलम और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर रविवार को बिहटा एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा. अपने शहीद बेटों को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोग तिरंगा लेकर उमड़ पड़े.
IAF Plane Crash: (मोनु कुमार मिश्रा, बिहटा) असम के जोरहाट एयरबेस में हुए एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए बिहार के दो वीर सपूतों का पार्थिव शरीर रविवार को बिहटा एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा. अग्निवीर दानिश आलम और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की अंतिम घर वापसी पर पूरे इलाके की आंखें नम हो गईं. श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोगों की भीड़ एयरफोर्स स्टेशन के बाहर जुटी रही.

तिरंगा लेकर अंतिम दर्शन को पहुंचे लोग
सुबह से ही एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर लोगों का जुटना शुरू हो गया था. युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के हाथों में तिरंगा था. हर कोई अपने वीर सपूतों को अंतिम सलाम देने के लिए खड़ा था. भारत माता की जय, वंदे मातरम् और अमर शहीद अमर रहें के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा. देशभक्ति के इस माहौल ने हर किसी को भावुक कर दिया.
सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम श्रद्धांजलि
पार्थिव शरीर के बिहटा पहुंचने के बाद एयरफोर्स स्टेशन परिसर में भारतीय वायुसेना की ओर से दोनों शहीदों को सैन्य सम्मान दिया गया. वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम सलाम किया. इस दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन रहा. हर आंख नम थी, लेकिन देश के लिए दिए गए बलिदान पर गर्व भी साफ दिख रहा था.
भोजपुर और जहानाबाद में शोक की लहर
अग्निवीर दानिश आलम भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के कमरियांव गांव के रहने वाले थे. वहीं फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव के निवासी थे. उनकी शहादत की खबर मिलते ही दोनों जिलों में शोक की लहर दौड़ गई थी. रविवार को उनके पार्थिव शरीर के बिहटा पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे.
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद दानिश आलम का पार्थिव शरीर भोजपुर के कमरियांव गांव और शुभम कुमार का पार्थिव शरीर जहानाबाद के बनवरिया गांव के लिए रवाना किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. रास्ते में कई जगह लोग श्रद्धांजलि देने के लिए फूल लेकर खड़े हैं. तिरंगा लहराते हुए भी लोग सड़क किनारे खड़े नजर आए.
दोस्त ने बताया कैसा था दानिश
शहीद अग्निवीर दानिश आलम के बचपन के मित्र विश्वजीत तिवारी ने बताया कि दानिश शुरू से ही मिलनसार, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे. उन्होंने कहा कि दानिश का सपना देश की सेवा करना था. भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद वह बेहद खुश थे. दानिश ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे क्षेत्र को गर्व है.
शहादत पर गर्व, आंखें नम
गौरतलब है कि जोरहाट एयरबेस पर हुए एएन-32 विमान हादसे में भारतीय वायुसेना के पांच जवानों की जान चली गई थी. शहीदों की अंतिम यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल है. हर आंख नम है, लेकिन देश के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान पर लोगों को गर्व भी है. उनके साहस और समर्पण की कहानी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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