सावधान ! क्या आप नोटबंदी के बाद बार-बार बैंकों में जमा कर रहे हैं नकदी, तो जानिए यह बात
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : 11 नवंबर से अब तक बैंकों में बार-बार जाकर नकदी जमा करनेवाले लोग रडार पर हैं. प्रदेश भर में संचालित हो रहे सभी सरकारी और निजी बैंक अधिकारियों से 90 दिन तक की सीसीटीवी फुटेज बगैर किसी छेड़छाड़ के संजोकर रखने काे कहा गया है. सूबे में बैंकों की 6692 शाखाएं हैं. इनमें […]
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पटना : 11 नवंबर से अब तक बैंकों में बार-बार जाकर नकदी जमा करनेवाले लोग रडार पर हैं. प्रदेश भर में संचालित हो रहे सभी सरकारी और निजी बैंक अधिकारियों से 90 दिन तक की सीसीटीवी फुटेज बगैर किसी छेड़छाड़ के संजोकर रखने काे कहा गया है. सूबे में बैंकों की 6692 शाखाएं हैं. इनमें ग्रामीण शाखा 3686, अर्द्ध शहरी शाखा 1711 व शहरी शाखा 1295 हैं.
इस फुटेज के जरिये ऐसे लोगों की जांच-पड़ताल की जायेगी, जो बार-बार बैंक आकर नकदी जमा या निकासी कर रहे हैं. इस संबंध में संबंधित बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है. सरकार यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बैंक में बार-बार आनेवाला व्यक्ति कौन है और बार-बार बैंक आने का कारण क्या है. काले धन को सफेद करनेवालों पर शिकंजा कसने के लिए यह कदम उठाया जायेगा. इस मामले में बैंक प्रबंधकों की कार्य प्रणाली की भी जांच होगी. सरकार को आशंका है कि कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने कई बार बैंक शाखाओं में जाकर अधिकारियों से मिली भगत कर के अपने काले धन को सफेद किया है.
90 दिन तक संजोकर रखी जानेवाली सीसीटीवी फुटेज में ऐसे चेहरों की पहचान की जायेगी. भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक अधिकारियों को 90 दिनों तक का फुटेज को रखने के लिए कहा है. सरकार के निर्देश के अनुसार यदि किसी बैंक अधिकारी ने 11 नवंबर से अब तक के फुटेज में छेड़छाड़ की होगी या फुटेज को खराब करने की कोशिश की होगी तो ऐसे बैंक अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जायेगा. सूत्रों की मानें तो कई बैंक के अधिकारियों ने काले धन को सफेद बनाया है. उनकी रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है. सूत्रों के अनुसार आठ बैंक के कई अधिकारियों ने अपने जाननेवालों को लाभ पहुंचाया है. यही कारण है कि आम लोग लाइन में लगे रहते थे और बैंक द्वारा कैश खत्म होने का बहाना बना दिया जाता था.
अब तक चार मामले प्रकाश में आये : नोटबंदी के बाद बैंकों में प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत के मामले सामने आये हैं. इनमें एक्सिस बैंक, सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया व कोटक महिंद्रा बैंक का नाम सामने अाया है. इन बैंकों पर छापेमारी भी की गयी है.
पटना. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के आदेश के कारण बैंकों में पांच हजार से अधिक पुराने नोट जमा करनेवालों को दो दिन तक परेशानियों का सामना करना पड़ा. लेकिन, आरबीआइ के इस आदेश को वापस लेने के बाद गुरुवार को लोगों ने राहत की सांस ली. बोरिंग रोड स्थित स्टेट बैंक की श्रीकृष्णापुरी शाखा में लोगों ने बिना फाॅर्म व प्रूफ के लोग पांच हजार से अधिक अमान्य नोट जमा कर रहे थे. इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा में भी लोगों ने अपने-अपने खातों में पांच हजार से अधिक के पुराने नोट बिना पूछताछ के जमा किये. गांधी मैदान के समीप स्थित स्टेट की मुख्य शाखा में पुराने नोट जमा करनेवालों की अच्छी भीड़ देखी गयी. बैंक आॅफ इंडिया की मुख्य शाखा में भी सामान्य दिनों की तरह ही पुराने नोट जमा किये गये.
पुराने नोट बदलने का काम जारी
आरबीआइ में गुरुवार को भी 500 व 1000 के पुराने नोट बदलने का काम जारी रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन सौ से अधिक लोगों ने अपने पुराने नोट बदलवाये.
नोटबंदी के विरोध में किया एनएच जाम
केंद्र सरकार की नोटबंदी के विरोध में जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को एनएच पर चक्का जाम किया. ट्रांसपोर्ट नगर गेट नंबर तीन के समीप और पटना-मसौढ़ी रोड के पास सड़कों पर सैंकड़ों कार्यकर्ता उतर आये कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर आगजनी भी की.
जिससे एनएच पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गयीं. कार्यकर्ताओं ने लगभग एक घंटा तक एनएच को जाम रखा. इस दौरान पार्टी के संरक्षक और सांसद पप्पू यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के नाम पर जनता को सिर्फ तकलीफ दी है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनता की समस्याओं का हल नहीं निकालेगी, तो जनवरी में नयी दिल्ली के कोर्ट क्लब और पटना के भाजपा और जदयू कार्यालय के समक्ष हजारों साथियों के साथ भूख हड़ताल करेंगे.
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