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तेजाब कांड : पूर्व RJD सांसद शहाबुद्दीन को जमानत, 11 साल बाद जेल से होंगे बाहर

Updated at : 08 Sep 2016 6:20 AM (IST)
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तेजाब कांड : पूर्व RJD सांसद शहाबुद्दीन को जमानत, 11 साल बाद जेल से होंगे बाहर

पटना : बिहार के सीवान से राजद के पूर्व सांसद मो शहाबुद्दीन को पटना हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. जस्टिस जितेंद्र मोहन शर्मा के कोर्ट ने बुधवार को तेजाब कांड के एकमात्र चश्मदीद गवाह राजीव रोशन की हत्या के मामले में उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. इस मामले में जमानत मिलने […]

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पटना : बिहार के सीवान से राजद के पूर्व सांसद मो शहाबुद्दीन को पटना हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. जस्टिस जितेंद्र मोहन शर्मा के कोर्ट ने बुधवार को तेजाब कांड के एकमात्र चश्मदीद गवाह राजीव रोशन की हत्या के मामले में उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. इस मामले में जमानत मिलने के बाद शहाबुद्दीन 11 साल बाद जेल से बाहर होंगे. वह अभी भागलपुर जेल में बंद हैं. इस साल मई में पत्रकार हत्याकांड के बाद शहाबुद्दीन को सीवान जेल से भागलपुर जेल में ट्रांसफर किया गया था. 16 अगस्त, 2004 को सीवान में दो सगे भाइयों गिरीश और सतीश राज को अगवा करने के बाद उनकी तेजाब से जला कर हत्या कर दी गयी थी.
अब तक उनके शव नहीं मिले हैं. इस मामले में भी आरोप शहाबुद्दीन पर लगा था. इस केस के एकमात्र चश्मदीद गवाह तीसरा भाई राजीव रोशन था. टाउन थाना कांड के केस संख्या 220-2014 के मुताबिक 17 जून, 2014 को तीसरे भाई राजीव रोशन की भी गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. इसके बाद सीवान टाउन थाने में उसके पिता ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी में शहाबुद्दीन को हत्या की साजिश रचने का आरोपित बनाया गया.
कहा गया कि चूंकि राजीव रोशन अपने दोनों भाइयों की हत्या का एकमात्र चश्मदीद गवाह था और वह गवाही देनेवाला था, इस कारण सीवान शहर में डीएवी काॅलेज के नजदीक मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों ने उसकी गोली मार कर हत्या कर दी. इस समय वह अपने पिता के साथ गुजर रहा था.
बचाव पक्ष के वकील का तर्क था कि जिस समय राजीव रोशन की हत्या हुई, उस समय शहाबुद्दीन जेल में बंद थे. इस केस में उनका कोई हाथ नहीं है. इस केस में पहले शहाबुद्दीन की जमानत याचिका खारिज हो गयी थी. शहाबुद्दीन के वकील वरीय अधिवक्ता वाइवी गिरि ने कहा कि अभी तक उनके खिलाफ कमिटमेंट तक फाइल नहीं हुआ है. उनका तर्क था कि शहाबुद्दीन जेल में बंद हैं और वह गवाह को भी प्रभावित नहीं कर सकते. ऐसे में उन्हें जमानत दी जा सकती है. इस पर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली.
चंदा बाबू ने कहा, अब ऊपरवाले पर ही भरोसा
सीवान. शहाबुद्दीन को जमानत की खबर मिलने के बाद राजीव रोशन समेत अपने तीन बेटों की जान गंवा चुके चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू ने कहा कि अब ऊपरवाले पर ही भरोसा है. अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए न तो मेरे पास धन है और न ताकत. प्रदेश की सरकार से भी कोई मदद की उम्मीद नहीं है.
विधायक अनंत सिंह पर लगा सीसीए
पटना : पटना जिला प्रशासन ने मोकामा के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह पर क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) लगाया है. डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने एसएसपी मनु महाराज की अनुशंसा पर सीसीए की मंजूरी देते हुए फाइल संपुष्टि के लिए गृह विभाग को भेज दी है. सीसीए की धारा 3 के तहत विधायक को अगले एक साल तक जमानत नहीं मिल सकेगी.
गृह विभाग से संपुष्ट होने के बाद पटना हाइकोर्ट के एडवाइजरी बोर्ड द्वारा इसकी सुनवाई की जाती है. एडवाइजरी बोर्ड द्वारा सुनवाई के बाद सीसीए का यह प्रस्ताव स्वीकृत व अस्वीकृत किया जाता है.गौरतलब है कि एक सप्ताह पूर्व एसएसपी मनु महाराज ने विधायक अनंत सिंह पर सीसीए लगाने की अनुशंसा के साथ डीएम को फाइल भेजी थी. विधायक अनंत सिंह पर फिलहाल दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं. कुछ मामलों में उनकी जमानत नहीं होने की वजह से वह फिलहाल जेल में ही बंद हैं.
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