ePaper

जदयू के नेता के घर से शराब बरामदगी मामले की जांच हो - सुशील

Updated at : 03 Sep 2016 10:43 PM (IST)
विज्ञापन
जदयू के नेता के घर से शराब बरामदगी मामले की जांच हो - सुशील

पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नालंदा जिला में हाल में ही जदयू के प्रखंड स्तरीय एक नेता के घर से शराब की बोतल बरामदगी मामले की जिला प्रशासन पर लीपापोती करने में लगे होने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि इसकी जांच प्रदेश के मुख्य सचिव […]

विज्ञापन

पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नालंदा जिला में हाल में ही जदयू के प्रखंड स्तरीय एक नेता के घर से शराब की बोतल बरामदगी मामले की जिला प्रशासन पर लीपापोती करने में लगे होने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि इसकी जांच प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक करनी चाहिए.

जांच की मांग

पटना में आज पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुशील ने कहा कि बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने नालंदा जिला के हरनौत प्रखंड के जदयू अध्यक्ष चंद्रजीत कुमार सेन उर्फ मोती सिंह के लोढ़ा गांव स्थित घर से गत 30 अगस्त को 200 मिली के 168 बोतल देशी शराब बरामद किया था.उन्होंने कहा कि सेन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लिया था पर उनकी पत्नी मधुमिता सिंह जो कि मुखिया हैं को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया.

प्रशासन पर बचाने का आरोप

बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील ने नालंदा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पर प्रदेश में सत्ताधारी दल के नेता :सेन: को बचाने और इस मामले में सेन के राजनीतिक विरोधी सैमेंद्र सिंह सहित चार अन्य व्यक्ति को गलत ढंग से फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले की प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को जांच करनी चाहिए.

पुलिस की भूमिका संदिग्ध-मोदी

उन्होंने आरोप लगाया कि सेन के घर पर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीक्षक रामबाबू प्रसाद, चार अवर निरीक्षक सहित दो अन्य होमगार्ड शामिल थे, जिसमें एक दीपक कुमार भी शामिल थे. सुशील ने आरोप लगाया कि दीपक कुमार से दस घंटे तक दीपनगर थाना में इस बात की पूछताछ की गयी कि उन्हें यह कैसे पता चला कि जदयू नेता के घर पर शराब है. उन्होंने आरोप लगाया कि दीपक पर सेन के घर में छापेमारी के लिए घूस दिए जाने का लिखित बयान देने के लिए दबाव दिया गया. सुशील ने पुलिस पर सेन के घर शराब होने की सूचना देने वाले का नाम भी बताने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्पाद अधिनियम के तहत सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन