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बिहार में बाढ़ और गंगा के बढ़ते जल स्तर की पूरी रिपोर्ट

Updated at : 22 Aug 2016 10:55 PM (IST)
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बिहार में बाढ़ और गंगा के बढ़ते जल स्तर की पूरी रिपोर्ट

पटना : बिहार में आज भी गंगा नदी का जल स्तर पांच स्थानों पर उच्चतम स्तर पर बने रहने के कारण प्रदेश में बाढ़ की स्थिति विकट बनी रही. केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक आज सुबह 6 बजे गंगा नदी का जल स्तर बक्सर जिला :61.11 मीटर, पटना जिला के हाथीदह, 43.18, […]

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पटना : बिहार में आज भी गंगा नदी का जल स्तर पांच स्थानों पर उच्चतम स्तर पर बने रहने के कारण प्रदेश में बाढ़ की स्थिति विकट बनी रही. केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक आज सुबह 6 बजे गंगा नदी का जल स्तर बक्सर जिला :61.11 मीटर, पटना जिला के हाथीदह, 43.18, मुंगेर, 39.89 मीटर, भागलुपर, 34.50 मीटर और कहलगांव, 32.38 मीटर में उच्चतम स्तर पर रहा. गंगा नदी का जलस्तर आज प्रात: 6 बजे बक्सर, गांधीघाट, दीघाघाट, हाथीदह, भागलपुर और मुंगेर में खतरे के निशान से क्रमश: 79 सेमी, 168 सेमी, 135 सेमी, 141 सेमी, 82 सेमी और 56 सेमी उपर था.

1994 का जल स्तर

ज्ञातव्य हो कि गंगा नदी का उच्चतम जल स्तर वर्ष 1994 में गांधी घाट में 50.27 मीटर, हाथी दह में वर्ष 1971 में 43.15 मीटर एवं भागलपुर में वर्ष 2013 में 34.50 मीटर मापा गया था. आज प्रात: 6.00 बजे गांधी घाट एवं हाथीदह में पूर्व उच्चतम जल स्तर से क्रमश: 1 सेमी एवं 2 सेमी उपर था जबकि भागलपुर में उच्चतम जल स्तर पर है.

मंगलवार को कम होने की संभावना

कहलगांव में गंगा नदी का उच्चतम जल स्तर वर्ष 2003 में 32.87 मीटर मापा गया था. आज प्रात: 6 बजे कहलगांव में गंगा नदी का जल स्तर उच्चतम जल स्तर से 49 सेमी नीचे था. इसके जल स्तर में कल रात्रि 10 बजे तक 30 सेमी की वृद्धि होने की संभावना है. गंगा नदी के जल स्तर में कल प्रात: 8 बजे मुंगेर और कल दोपहर 12 बजे तक बक्सर में क्रमश: 5 सेमी और 20 सेमी की वृद्धि होने जबकि कल प्रात: 8 बजे दीघा घाट में 20 सेमी की कमी होने की संभावना है.

खगड़िया में लगार क्षतिग्रस्त

गंगा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण खगड़िया जिलान्तर्गत इस नदी के बांये तट पर अवस्थित लगार जमींदारी बांध के कारण दो स्थलों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है. बाढ़ रोक कार्य कराकर स्थल को सुरक्षित करने की कार्रवाई की जा रही है. बिहार में गंगा नदी के बढ़े हुए जल स्तर एवं तेज जल प्रवाह के कारण इस नदी के किनारे अवस्थित जिलों यथा बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगडिया, मुंगेर, भागलपुर एवं कटिहार जिलों में कमोबेस बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. पटना, वैशाली, भोजपुर एवं सारण जिला के दियारा क्षेत्र :नदी किनारे वाले इलाके: बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं.

राहत बचाव कार्य जारी

आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बाढ़ से प्रभावित सभी जिलों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है. प्रभावित लोगों को दियारा क्षेत्र से सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में लाया जा रहा है, जहां उनके लिए पका हुआ भोजन, पीने का पानी, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वास्थ्य जांच, जरूरी दवाएं, साफ-सफाई एवं प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है. अब तक करीब 139330 लोगों को बाढ़ ग्रस्त स्थान से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया है जिनमें से 105000 लोगों को 162 राहत शिविरों में रखा गया है.

सभी इलाकों में एनडीआरफ की टीम तैनात

बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1537 नावों का परिचालन किया जा रहा है तथा एन0डी0आर0एफ और एस0डी0आर0एफ0 की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई है. सोन नदी जो कि पटना जिला के मनेर के पास गंगा नदी में मिलती है, हाल के दिनों में इंद्रपुरी बराज और वाणसागर बराज से पानी छोड़े जाने के कारण उसके जल स्तर में वृद्धि होने के कारण गंगा नदी के जल स्तर में यह अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. सोन नदी का जल स्तर आज प्रात: 6 बजे मनेर में खतरे के निशान से 140 सेमी ऊपर था. इस नदी का मनेर में वर्ष 1976 में उच्चतम जल स्तर 53.79 मीटर मापा गया था. आज प्रात: 6 बजे मनेर में सोन नदी उच्चतम जल स्तर से 39 सेमी नीचे थी. इसके जल स्तर में कल प्रात: 8 बजे तक 20 सेमी की कमी होने की संभावना है.

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