अब ट्रेनों में पीएं वाटर प्यूरीफायर का पानी, राजधानी व शताब्दी में लगेगा ऑटोमेटिक दरवाजा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : रेलवे बोर्ड ने यात्री डिब्बों में भी बुनियादी सुविधा बढ़ाने को लेकर काम शुरू कर दिया है, जिससे यात्रियों को शुद्ध पानी मिले. इसको लेकर हर दूसरे कोच में वाटर प्यूरीफायर लगाया जायेगा. यह सुविधा पहले लंबी दूरी की ट्रेनों में होगी और उसके बाद बाकी डिब्बों में लगाया जायेगा. अधिकारियों के मुताबिक रेल में स्वच्छ पानी उपलब्ध हो, इसको लेकर एलएचबी डिब्बों में भी इस सुविधा की शुरुआत की जायेगी. यह सुविधा अगले तीन माह में पूमरे के यात्रियों को मिलने लगेगी.

ट्रेन में पानी को लेकर होता है हंगामा
लंबी दूरी की ट्रेनों में भले ही यात्रियों के लिये हर दिन पानी बदला जाता हो. लेकिन, यात्रियों को लगता है कि यह पानी पीनेवाला नहीं है. इसे पीने से वह बीमार पड़ जायेंगे और 99 प्रतिशत लंबी दूरी की ट्रेन में सफर करनेवाले यात्री बाहर से पानी खरीदते है, जो ट्रेन के पानी से भी खराब होता है. क्योंकि, हर ट्रेन में रेल नीर की स्पलाई नहीं हैं और जिस ट्रेन में हैं भी, वहां गोरखधंधा चलता है. इन्हीं परेशानियों को दूर करने व दलालों से यात्रियों को मुक्त कराने के लिये डिब्बों में भी शुद्ध पानी रखा जायेगा.

स्टेशनों पर वाटर प्यूरीफायर लगाया गया है, जहां से यात्रियों को शुद्ध पानी मिलता है. अब डिब्बाें में भी वाटर प्यूरीफायर लगाने को लेकर योजना बनायी गयी है. जल्द ही पूमरे के यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा. (अरविंद रजक, सीपीआरओ, पू.म.रे.)

राजधानी व शताब्दी में लगेगा ऑटोमेटिक दरवाजा
रेलवे अपनी नयी योजना के तहत सुरक्षा व यात्री सुविधा को प्राथमिकता देते हुए राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस में ऑटोमेटिक दरवाजा लगायेगा. अधिकारियों के मुताबिक बगैर पॉलिस्टर रेशे की चादर, बेड रोल और आग बुझाने की पूरी प्रणाली रहेगी. यात्री बेड रोल का उपयोग करने के बाद उसे फेंक सकते हैं. रेलवे बोर्ड ने यह निर्णय यात्रियों से मिली शिकायत के बाद लिया है कि बेड रोल व चादर की सफाई नहीं होती है. नयी सुविधा का प्रयोग ट्रायल के रूप में सबसे पहले बेंगलुरु राजधानी में किया जायेगा. इसके बाद बाकी सभी जोन की ट्रेनों में इसे लागू किया जायेगा.

यात्रियों को मिलेगी सुरक्षा
रेलवे अपने यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए ऑटोमेटिक दरवाजा बनाने वाला है. यह दरवाजा उस स्टेशन पर खुलेगा, जहां उस ट्रेन का स्टॉपेज होगा, इसके अलावा बीच में अगर कहीं किसी कारण से ट्रेन रूक भी गयी, तो दरवाजे को खोल कर कोई ट्रेन में नहीं घुस सकता है. इसके अलावा दरवाजे में कई तरह के अलार्म भी लगाये जायेंगे, ताकि बीच में अगर कोई उसे खोलने की कोशिश भी करे, तो इसकी जानकारी ट्रेन के ड्राइवर व गार्ड दोनों को मिल जाये.

आग लगी, तो यात्री खुद बुझा लेंगे
आग बुझाने की प्रणाली को इतना सहज बनाया गया है कि यात्री खुद भी हिम्मत कर आग पर काबू पा सकेंगे. इसके लिए हर डब्बे में आग बुझाने का यंत्र और बाथरूम के ऊपर स्पेशल पानी का स्टोरेज किया जायेगा. बिजली को कट करने की पूरी जानकारी होगी और इमरजेंसी लाइट भी रहेगी, जो कि आपातकाल की स्थिति में बिजली बंद होते ही खुद जल जायेगी.

यह योजना बजट में ही आयी है, जिसके बाद से कई जोन में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसे शुरू किया गया है. पूमरे में भी चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में योजना के तहत लाभ मिलेगा, जिसमें आग से काबू पाने की पूरी प्रणाली काम करेगी. सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऑटोमेटिक दरवाजा मेट्रो की तर्ज पर लगाया जायेगा. (अरविंद रजक, सीपीआरओ, पू.म.रे.)

अब रात में स्टेशन व प्लेटफाॅर्म की सुरक्षा करेगी स्पेशल टास्क फोर्स
स्टेशन व प्लेटफाॅर्म पर ट्रेन का इंतजार करनेवाले यात्रियों को परेशानी नहीं हो, इसको लेकर अब जीआरपी व आरपीएफ रात में स्पेशल टास्क फोर्स बना कर काम करेगी. यह फोर्स रात में गश्ती करेगी और प्लेटफाॅर्म पर आये यात्रियों व लंबी दूरी से स्टेशन पहुंची ट्रेनों को चेक करेगी. सूत्रों के मुताबिक रात्रि गश्ती को लेकर मुख्यालय से निर्देश आया है. क्योंकि, रात में यात्रा करनेवाले यात्री ट्रेन में या प्लेटफाॅर्म पर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं.

पटना जंकशन पर रहेगी विशेष टीम
मुख्यालय से मिली जानकारी के बाद यह बात सामने आयी है कि पटना जंकशन पर खास कर दो टीमें बनायी गयी है. वहीं, राजेंद्र नगर, दानापुर व पाटलिपुत्र स्टेशन पर एक टीम बनायी गयी है, जो कि शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे. टीम को प्लेटफाॅर्म के बाहर भी निगरानी करने का निर्देश मिला है. दूसरी ओर जंकशन पर आने के लिये ऐसे कई रास्ते हैं, जहां से कोई भी आराम से अंदर आ सकता है. उन रास्तों को बंद करने को लेकर अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण भी किया है.

रात में स्टेशन व प्लेटफाॅर्म पर ट्रेन का इंतजार करनेवाले यात्रियों को सुरक्षा मिले. इसको लेकर जीआरपी व आरपीएफ की टीम अपने स्तर से काम करती है. लेकिन, रात में गश्ती अधिक हो, ऐसा निर्देश आया है, जिसके बाद पटना जंकशन सहित बाकी स्टेशनों पर गश्ती बढ़ाने को लेकर जीआरपी व आरपीएफ को निर्देश भेजा गया है. (अरविंद रजक, सीपीआरओ, पू.म.रे.)

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