ePaper

पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा बढ़े : सुशील मोदी

Updated at : 03 Feb 2016 7:31 AM (IST)
विज्ञापन
पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा बढ़े : सुशील मोदी

पटना : बिहार सरकार पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा बढ़ाये. सरकार ने 17 जातियों को अत्यंत पिछड़ी जाति में शामिल तो कर लिया है, लेकिन आज भी पंचायत चुनाव में आरक्षण का कोटा जस-का-तस है. पंचायत चुनाव में आरक्षण का कोटा 50 प्रतिशत होना चाहिए. इस मुद्दे पर सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाये […]

विज्ञापन
पटना : बिहार सरकार पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा बढ़ाये. सरकार ने 17 जातियों को अत्यंत पिछड़ी जाति में शामिल तो कर लिया है, लेकिन आज भी पंचायत चुनाव में आरक्षण का कोटा जस-का-तस है. पंचायत चुनाव में आरक्षण का कोटा 50 प्रतिशत होना चाहिए.
इस मुद्दे पर सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाये और आरक्षण बिल पारित कराये. उक्त बातें मंगलवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहीं. वे अपने सरकारी आवास पर संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे.
कैबिनेट में बिना शौचालयवालों को पंचायत चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित करने के फैसले की वापसी पर उन्होंने हर्ष जताया और कहा कि देर-सबेर सरकार जागी. सरकार आगे भी भाजपा के कई सुझावों पर अमल करेगी, एेसा उन्हें भरोसा है. उन्होंने कहा कि आज भी बिहार के डेढ़ करोड़ परिवार शौचालयविहीन हैं. डेढ़ करोड़ परिवारों की शौचालयविहीनता के लिए बिहार सरकार जिम्मेवार है. उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में आति पिछड़ों के आरक्षण का कोटा बढ़ाने के मुद्दे पर भाजपा सरकार का सहयोग करेगी.
विधान परिषद में मनोनयन कोटे के विधान पार्षदों पर कोर्ट की ताजा टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट का है, इसलिए वे इस पर विशेष टिप्पणी नहीं करेंगे. उनका मानना है कि विधान परिषद के लिए दो-दो साल के लिए पार्षदों का मनोनयन होना चाहिए. इस मुद्दे पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए भाजपा विधि विशेषज्ञों से राय ले रही है.
लालू प्रसाद के ‘सुपर सीएम’ होने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री काल में भी वे ही परदे के पीछे से सरकार चला रहे थे. नीतीश कुमार ने भी अधिकारियों को मैसेज दिया है कि वे लालूजी की बातों को गंभीरता से सुनें और अमल करें.
अब कुछ कहने को और रह भी गया है क्या? मेघालय में पांच-पांच लोगों को मुख्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ है. जिस तरह प्रशांत किशोर को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है, उसी तरह लालू प्रसाद को भी वैधानिक अधिकार दे दें नीतीश कुमार. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद का बर्चस्व बढ़ता ही जा रहा है. कच्ची-दरगाह पुल के शिलान्यास समारोह में सांसद रामविलास पासवान को न तो बुलाया गया, न किसी बैनर-पोस्टर में उनकी तसवीर लगायी गयी. आज मुख्यमंत्री के यहां से आधिक भीड़ लालू प्रसाद के यहां लग रही है.
सीएम के पहले जनता-दरबार में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर उन्होंने कहा कि होना तो यह चाहिए कि लोगों को सीएम के दरबार में आने की जरूरत ही न पड़े. एनडीए की सरकार में सभी मंत्रियों, डीएम, एसपी और एसडीओ को जनता-दरबार लगाने का निर्देश था, लेकिन अब वह नहीं लग रहा. सिर्फ सीएम के जनता-दरबार में आम लोगों की समस्याएं हल नहीं होंगी.
आरएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा हाफ पैंट पहनने पर पूर्व सीएम राबड़ी देवी की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि वह आज भी 19वीं शताब्दी में जी रही हैं. आज तो हाफ-पैंट फैशन में शुमार हो गया है. छोटे-से-बड़ी उम्र के लोग भी हाफ-पैंट पहन रहे हैं. वैसे संघ में ड्रेस में परिवर्तन किये जाने को ले कर विमर्श हो रहा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन