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52 खास थाने राज्यभर में पुलिसिंग का नया चेहरा बनेंगे

Updated at : 04 Aug 2025 1:23 AM (IST)
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52 खास थाने राज्यभर में पुलिसिंग का नया चेहरा बनेंगे

राज्य में पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ ही इसके साथ ही इनके लिए आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है.

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संवाददाता, पटना राज्य में पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ ही इसके साथ ही इनके लिए आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है. बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम ने 52 खास थाने बनाने की योजना तैयार कर ली है. इनमें 44 आदर्श थानाें के अलावा दो नदी थाने, एक रेल थाना और पांच यातायात थाने शामिल हैं. पटना में कंकड़बाग, दीदारगंज, एसके पुरी व एयरपोर्ट थानों के भवन को मॉडल थाना बनाया जा रहा है. अन्य जिलों में भी अलग-अलग स्थानों पर भी ऐसे मॉडल थाने बनाये जा रहे हैं. नये आदर्श थाने सभी जिलों में बनाने की योजना है. जमीन की तलाश अंतिम चरण में है.पुलिसकर्मियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर रूपरेखा तैयार की गयी है. अपर सबऑर्डिनेट स्तर के पदाधिकारियों के 15, लोअर सबऑर्डिनेट स्तर के 17, सिपाहियों के लिए 2019 बैरक, अग्निशाम से जुड़े नौ भवन और गृह रक्षा वाहिनी के लिए पांच भवनों के निर्माण की योजना है. कुछ अन्य स्थानों पर भी अलग-अलग आधारभूत संरचनाएं विकसित की जा रही हैं. इसमें पुलिस के अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटर से लेकर विधि-विज्ञान इकाई समेत अन्य स्थान शामिल हैं. राज्यभर में पुलिस अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पटना (बिहटा) में अग्नि प्रशिक्षण अकादमी, आनंदपुर में फायर रेस्क्यू टॉवर, सिमुलेशन भवन, मॉडल फायर स्टेशन समेत कई संरचनाएं बन रही हैं. नवादा, नवगछिया, अरवल में एसपी कार्यालय व आवास, पकरीबरावां व बोधगया में एसडीपीओ आवास और 21 जिलों में अभियोजन कार्यालय का निर्माण जारी है. बक्सर, लखीसराय, नवादा व गोपालगंज सहित नौ जिलों में कार्य अंतिम चरण में है. एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालय भवन बनेंगे बेतिया, गया, दरभंगा, बेगूसराय, सारण, रोहतास व भागलपुर में सीआइडी, एसटीएफ, इओयू आदि के लिए एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालयों का निर्माण, सात जिलों में नयी पुलिस लाइन, पांच जिलों में विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं और 213 थाना भवन अंतिम चरण में हैं. 575 आवासीय यूनिट, 30,035 सिपाहियों के बैरक, 78 थानों में आगंतुक कक्ष, किऊल में रेल एसपी भवन और मधेपुरा-गया में वायरलेस कार्यालयों का निर्माण भी जारी है. क्या कहते हैं डीजी पुलिस महकमा का जिस तेजी से आधुनिकीकरण हो रहा है और कर्मियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है. इसका ध्यान रखते हुए अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए उच्च क्वालिटी के आधारभूत संरचनाओं का विकास कराया जा रहा है. पुलिस प्रशिक्षण केंद्र से लेकर थाना, ओपी समेत अन्य सभी स्थानों पर उच्च कोटि के निर्माण कार्य की निरंतर सख्त मॉनीटरिंग निगम के स्तर से की जा रही है. इस कारण पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार निगम के बजट में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. आलोक राज डीजी सह अध्यक्ष, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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