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1.04 करोड़ में 40% परिवारों का सर्वे शक के दायरे में

Updated at : 28 Jun 2025 1:03 AM (IST)
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1.04 करोड़ में 40% परिवारों का सर्वे शक के दायरे में

प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के तहत गरीब परिवारों को पक्का मकान देने के लिए राज्य में कराये गये सर्वे में 40 फीसदी परिवारों की सूची शक के दायरे में है.

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संवाददाता, पटना

प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के तहत गरीब परिवारों को पक्का मकान देने के लिए राज्य में कराये गये सर्वे में 40 फीसदी परिवारों की सूची शक के दायरे में है. खासकर लाभुक परिवारों की ओर से खुद से किये गये 20 लाख सर्वे पर ग्रामीण विकास विभाग ने सख्ती की है. विभाग का मानना है कि खुद से किये गये सर्वे में सबसे अधिक गड़बड़ी की संभावना है. इसमें अयोग्य लाभुकों की ओर से आवास के लिए सबसे अधिक दावा आने की संभावना जतायी गयी है. इस कारण खुद से किये गये सर्वे की पुष्टि के लिए सौ फीसदी जांच करायी जायेगी. विभाग ने कहा है कि आवास सहायकों की ओर से लाभुक परिवारों का सर्वे किया गया है. इस कारण आवास सहायकों को सर्वे की पुष्टि कार्य से हटा दिया गया है. बिहार में देशभर में सबसे अधिक परिवारों का सर्वे हुआ है. राज्य में एक करोड़ चार लाख 90 हजार 742 परिवारों का सर्वे हुआ है. इस पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी आपत्ति जतायी है.

इस सर्वे से पहले वर्ष 2016-17 में आवासों के लिए गरीब परिवारों का सर्वे हुआ था. इसमें 48 लाख 95 हजार 733 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गयी थी. दस साल पहले हुए पहले के लाभुकों की संख्या से इस साल सर्वे में दोगुना से अधिक परिवारों का सर्वे हो गया है. एक करोड़ चार लाख 90 हजार 742 परिवारों के सर्वे में 40 फीसदी के नाम कटने की संभावना जतायी गयी है.

दो से पांच हजार लेकर सर्वे में नाम जोड़ने का लग रहा आरोप

विभाग के अधिकारी ने बताया कि सर्वे के दौरान कई तरह की गड़बड़ियों की सूचना मिली है. इस कारण विभाग जांच का विचार कर रहा है. कम पढ़े लिखे लाभुकों के ही मोबाइल से सर्वे कर उनसे राशि लेने की बात सामने आ रही है. इसके अलावा से दो से पांच हजार रुपये लेकर भी सर्वे में नाम जोड़ने की सूचना आ रही है.

दो से पांच हजार लेकर सर्वे में नाम जोड़ने का लग रहा आरोप

विभाग के अधिकारी ने बताया कि सर्वे के दौरान कई तरह की गड़बड़ियों की सूचना मिली है. इस कारण विभाग जांच का विचार कर रहा है. कम पढ़े लिखे लाभुकों के ही मोबाइल से सर्वे कर उनसे राशि लेने की बात सामने आ रही है. इसके अलावा से दो से पांच हजार रुपये लेकर भी सर्वे में नाम जोड़ने की सूचना आ रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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