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पटना में लक्ष्य के मात्र 10 फीसदी धान की हुई खरीद

Updated at : 30 Jan 2020 9:01 AM (IST)
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पटना में लक्ष्य के मात्र 10 फीसदी धान की हुई खरीद

1.15 लाख मीटरिक टन धान के क्रय का है लक्ष्य, महज 13 हजार मीटरिक टन का हुआ क्रय पटना : करीब ढाई महीने पहले शुरू हुए धान खरीद अभियान के दौरान पटना जिला में लक्ष्य का मात्र दस फीसदी ही धान की खरीद हुई है. करीब 90 फीसदी धान अब भी किसानों के पास है. […]

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1.15 लाख मीटरिक टन धान के क्रय का है लक्ष्य, महज 13 हजार मीटरिक टन का हुआ क्रय
पटना : करीब ढाई महीने पहले शुरू हुए धान खरीद अभियान के दौरान पटना जिला में लक्ष्य का मात्र दस फीसदी ही धान की खरीद हुई है. करीब 90 फीसदी धान अब भी किसानों के पास है.
हालांकि जिला सहकारिता विभाग का दावा है कि मार्च माह के अंत तक धान खरीद के लक्ष्य को पूरा कर लिया जायेगा. इस साल पटना जिला में धान का उत्पादन करीब चार लाख मीटरिक टन हुआ है. इसमें 1.15 लाख मीटरिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन अभी तक केवल 13 हजार मीटरिक टन की धान की खरीद हुई है. जबकि 15 नवंबर से ही धान खरीद करने के आदेश सरकार द्वारा जारी कर दिये गये थे.
17 फीसदी से अधिक नमी होने के कारण धान के क्रय में हो रही परेशानी
धान खरीद को लेकर सरकार ने 17 फीसदी नमी को मापदंड बनाया है. लेकिन कई प्रखंडों में धान तय मापदंड से अधिक नमीयुक्त है.
केंद्रीय टीम भी पटना आयी थी और कुछ प्रखंडों में धान के सैंपल को एकत्र कर अपने साथ ले गयी है. हालांकि उन धान में करीब 19 फीसदी नमी थी. कृषक अपने धान को सुखा कर नमी के प्रतिशत को कम करने में लगे हैं. हाल के दिनों में धूप हुई है, जिसके कारण यह आशा की जा रही है कि कृषक अपने धान की कमी को कम कर लेंगे और फिर उसकी खरीद कर ली जायेगी.
ड्रायर मशीन का उपयोग करने में कृषक नहीं दिखा रहे उत्साह: पटना जिला के छह पैक्सों में धान की नमी को कम करने के लिए ड्रायर मशीन लगाया गया था. लेकिन इस मशीन का भी कृषक उपयोग नहीं कर पा रहे हैं.
क्योंकि इस मशीन के उपयोग करने में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उक्त ड्रायर मशीन से नमी कम कराने के लिए किसानों को अपने धान को पैक्सों तक लाने पड़ेंगे. इससे आने-जाने में रुपये भी लगेंगे और मेहनत भी करना पड़ेगा. इसके अलावा एक क्विंटल में तीन-चार किलो धान भी खत्म हो जायेगा. इसे लेकर कृषक ड्रायर मशीन में नमी को कम करने में उत्साह नहीं दिखा रहे हैं और परंपरागत तरीके से धूप से सुखाने के प्रयास में लगे हैं.
सात हजार कृषकों ने नहीं कराया है ऑनलाइन निबंधन
इसके साथ ही करीब सात हजार कृषकों ने ऑनलाइन निबंधन नहीं कराया है. यह भी बताया जा रहा है कि ऑनलाइन निबंधन की साइट धीमी होने के कारण प्रक्रिया नहीं हो पा रही है. इसके कारण भी कृषक निबंधन नहीं करा पा रहे हैं.
पिछले साल 23 हजार 607 कृषकों ने ऑनलाइन निबंधन कराया था. लेकिन अभी तक केवल 16 हजार 974 कृषकों ने ही ऑनलाइन निबंधन कराया है. जिला सहकारिता पदाधिकारी सुश्री लवली ने बताया कि मार्च तक लक्ष्य को पूरा कर लिया जायेगा. फिलहाल धान नमी युक्त है और तय मापदंड से ज्यादा है. जिसके कारण खरीद में परेशानी आ रही है. मौसम ठीक होने पर धान खरीद में तेजी आयेगी.
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