पटना : बदलेगी जनसंख्या नीति, कोर और प्रारूप समिति का गठन
Updated at : 04 Dec 2019 8:47 AM (IST)
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औसतन 19.2 वर्ष की उम्र में मां बन जाती हैं राज्य की लड़कियां पटना : बिहार की जनसंख्या नीति में बदलाव किया जायेगा. जनसंख्या नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने मंगलवार को समीक्षा की. साथ ही जनसंख्या नीति में संशोधन के लिए कोर एवं प्रारूप समिति का गठन किया है. […]
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औसतन 19.2 वर्ष की उम्र में मां बन जाती हैं राज्य की लड़कियां
पटना : बिहार की जनसंख्या नीति में बदलाव किया जायेगा. जनसंख्या नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने मंगलवार को समीक्षा की. साथ ही जनसंख्या नीति में संशोधन के लिए कोर एवं प्रारूप समिति का गठन किया है.
बिहार में लगभग 16.2 वर्ष की उम्र में शादी, 19.2 वर्ष की उम्र में मां बनना व 5.5 वर्ष के अंतराल में तीन बच्चों को जन्म देने जैसे कारण परिवार नियोजन के लक्ष्य हासिल में बाधक बने हुए हैं. इस लिहाज से भी बिहार के वर्त्तमान जनसंख्या नीति में संशोधन की जरूरत पड़ी है. राज्य की जनसंख्या दर को नियंत्रित करने के लिए वर्ष 2045 तक कुल प्रजनन दर को 1.6 करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यानी कि 2045 तक एक दंपती के औसतन 1.6 बच्चे होंगे.
वर्तमान में राज्य के प्रति दंपती के पास औसतन 3.2 संतान हैं. प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण करने के उद्देश्य से वर्ष 2005 में बिहार जनसंख्या नीति बनायी गयी थी. इस नीति के तहत वर्ष 2015 तक बिहार के कुल प्रजनन दर को 2.1 एवं वर्ष 2045 तक 1.6 लाने का लक्ष्य भी रखा गया. इसको लेकर सरकार द्वारा कई स्तर पर प्रयास किया गया. इस नीति से परिवार नियोजन के कई सूचकांकों में सफलता मिलने के बाद भी वर्तमान में राज्य का कुल प्रजनन दर 3.2 बना हुआ है.
इसे ध्यान में रखते हुए बिहार जनसंख्या नीति के संशोधन का फैसला लिया गया है. उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के कुछ साधनों में सुधार दिख रहा है. राज्य में करीब 4 लाख, 24 हजार महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाया है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है. वर्ष 2017-18 की तुलना में 2018-19 में परिवार नियोजन के कुछ सूचकाकों में बढ़ोतरी भी देखने को मिली है. जिसमें पुरुष नसबंदी, प्रसवोपरांत कॉपर टी इस्तेमाल व अंतरा इंजेक्शन शामिल है.
संशोधन के लिए दो समितियां गठित
बिहार जनसंख्या नीति के संशोधन के लिए दो समितियां गठित की गयी हैं. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार की अध्यक्षता में कोर समिति और भारत सरकार के सेवानिवृत स्वास्थ्य सचिव केशव देश राजू की अध्यक्षता में प्रारूप समिति का गठन किया गया. कोर समिति हर महीने में एक बार बैठक करेगी. बैठक के जरिये वर्तमान जनसंख्या नीति में तय किये गये लक्ष्य की समीक्षा, वर्तमान रणनीति की समीक्षा करते हुए प्रारूप समिति को सुझाव देगी.
बैठक में भारत सरकार के सेवानिवृत्त स्वास्थ्य सचिव केशव देश राजू, पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया की कार्यपालक निदेशक पूनम मुतरेजा, कार्यपालक निदेशक स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार, परिवार नियोजन के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ सज्जाद अहमद, पीएफआइ की सोना शर्मा के साथ जीविका, पंचायती राज व शिक्षा विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे.
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