पटना : पूर्ण शराबबंदी के 43 महीने, बदली गरीब घरों की सूरत, अब माफिया निशाने पर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Nov 2019 8:23 AM (IST)
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मिथिलेश 21 जनवरी, 2017 को शराबबंदी के पक्ष में बनी थी सबसे बड़ी मानव शृंखला पटना : पांच अप्रैल, 2016. दिन के 11.30 बजे राज्य कैबिनेट की अहम बैठक शुरू हुई तो लगा कि आम मंगलवार की तरह ही सरकार कुछ जरूरी फैसले लेगी. पर, कुछ ही देर बाद संवाद आया कि कैबिनेट के फैसलों […]
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मिथिलेश
21 जनवरी, 2017 को शराबबंदी के पक्ष में बनी थी सबसे बड़ी मानव शृंखला
पटना : पांच अप्रैल, 2016. दिन के 11.30 बजे राज्य कैबिनेट की अहम बैठक शुरू हुई तो लगा कि आम मंगलवार की तरह ही सरकार कुछ जरूरी फैसले लेगी. पर, कुछ ही देर बाद संवाद आया कि कैबिनेट के फैसलों की जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री देंगे, तो किसी बड़ी खबर की सुगबुगाहट शुरू हो गयी. मुख्य सचिवालय के काॅन्फ्रेंस वाले हाल में थोड़ी देर बाद सीएम आये और कैबिनेट की ब्रीफिंग शुरू हुई. मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने प्रदेश में पूर्णत: शराबबंदी को लागू कर दिया है.
अब यहां किसी भी प्रकार की शराब न बनेगी और न बिकेगी. न कोई पीयेगा और न किसी दूसरे को पिलायेगा. इसके चार दिन पहले सरकार ने ग्रामीण इलाकों में विदेशी व देसी मसालेदार शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. सरकार के इस फैसले से आम लोग खुश हुए. खासकर महिलाएं व शराब के कारण प्रतिदिन प्रताड़ित हो रहे परिवारों ने राहत की सांस ली.
गरीब घरों में रौनक लौटी. दूसरे प्रदेशों में भी बिहार की शराबबंदी को लागू करने की मांग उठ रही है. उस समय सरकार में राजद महत्वपूर्ण अंग था. राजद के नेताओं ने भी सरकार के फैसले की तारीफ की थी. सरकार ने दूसरे राज्यों खासकर पड़ोसी राज्यों से संपर्क साध कर शराबबंदी के निर्णय में सहयोग की अपील की. इस फैसले के 43 महीने बीत गये हैं, शराबबंदी के बाद प्रदेश में बेहतर माहौल बना है.
एक अप्रैल, 2016 से 31 अक्तूबर, 2019 तक
सुनवाई के लिए 74 विशेष कोर्ट : शराबबंदी मामले में जितने लोगों पर कार्रवाई हुई, उन सबके मामलों की सुनवाई के लिए सरकार ने 74 विशेष कोर्ट गठित करने का फैसला लिया है. बड़े जिलों में दो-दो विशेष अदालतें होंगी. छोटे जिलों में इनकी संख्या एक होगी.
मद्य निषेध दिवस के मौके पर मंगलवार को ज्ञान भवन में खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी व उत्पाद विभाग के मंत्री विजेंद्र यादव शामिल होंगे. मद्य निषेध के प्रचार के लिए सरकारी बसों को हरी झंडी दिखायी जायेगी. अवसर पर सतत जीविकोपार्जन योजना पर लघु फिल्म दिखायी जायेगी.
ओपीडी में इलाज के लिए लाये गये व्यक्तियों
की संख्या 20867
ओपीडी से आइपीडी में भेजे गये4215
कुल दर्ज कांडों की
संख्या69,607
कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या59592
जमानत पर चल रहे लोगों की संख्या 56489
जेल में बंद आरोपितों की संख्या3084
अदालतों द्वारा दी गयी सजा181
सजायाफ्ता लोगों पर लगा जुर्माना: एक करोड़ 56 लाख 54 हजार
अब तक नष्ट की गयी शराब-17 लाख 37 हजार लीटर से अधिक
बची शराब की मात्रा- एक लाख 15 हजार 599
जब्त दो पहिया
वाहन860
जब्त चार पहिया वाहन366
कुल छापेमारी402469
अवैध देशी शराब जब्त 4,78,408
अवैध विदेशी शराब जब्त 9,03459
जब्त बीयर 29,399
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