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सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सहायता लेने वाले किसानों को नहीं मिलेगा कृषि इनपुट अनुदान

Updated at : 17 Nov 2019 3:53 AM (IST)
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सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सहायता लेने वाले किसानों को नहीं मिलेगा कृषि इनपुट अनुदान

पटना : धान रोपनी के समय सूखाग्रस्त प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता लाभ लेने वाले किसानों को कृषि विभाग का इनपुट अनुदान नहीं मिलेगा. एक ही फसल पर दो बार अनुदान नहीं मिले, इसके लिए अंचलाधिकारी के बाद जिले में आपदा के एडीएम स्तर पर जांच के बाद ही कृषि विभाग को किसानों की अनुदान […]

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पटना : धान रोपनी के समय सूखाग्रस्त प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता लाभ लेने वाले किसानों को कृषि विभाग का इनपुट अनुदान नहीं मिलेगा. एक ही फसल पर दो बार अनुदान नहीं मिले, इसके लिए अंचलाधिकारी के बाद जिले में आपदा के एडीएम स्तर पर जांच के बाद ही कृषि विभाग को किसानों की अनुदान अनुशंसा भेजी जायेगी.

गौरतलब है कि बीते सितंबर माह में मुख्यमंत्री ने 18 जिलों के सूखाग्रस्त 102 प्रखंडों की 896 पंचायतों के किसानों को आकस्मिक लाभ की घोषणा की थी. इसमें किसानों को तीन-तीन हजार रुपये की सहायता दी गयी थी. राज्य सरकार ने इसके लिए 900 करोड़ रुपये स्वीकृत किये थे.
अब तक साढ़े चार लाख आवेदन : अधिक बारिश, बाढ़ व सूखा को लेकर इनपुट अनुदान के आवेदन की शुरुआत हो चुकी है. बीते चार नवंबर से ऑनलाइन आवेदन होने के बाद अब तक चार लाख 47 हजार 848 किसानों ने आवेदन दिया है.
कृषि विभाग के अनुसार किसी भी किसान को आवेदन करने के न्यूनतम 25 दिनों के बाद ही खाते में अनुदान की राशि भेजी जायेगी. गौरतलब है कि किसानों को खरीफ फसल अनुदान के लिए 20 नवंबर तक ही आवेदन करना है. अगर इतने दिनों में बीते वर्ष की तरह किसान अनुदान नहीं करते हैं, तो समीक्षा के बाद आवेदन तारीख बढ़ायी जा सकती है.
तय है अनुदान की राशि
परती भूमि वाले किसानों को यह अनुदान 6800 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान मिलेगा. इसके अलावा जिन किसानों को बाढ़,अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति में असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6800 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर व अन्य स्थिति में फसल क्षति के लिए 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जायेगा.
इसके अलावा कृषि योग्य भूमि पर बालू या सील्ट का जमाव तीन इंच से अधिक होने पर 12 हजार 200 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जायेगा. यह अनुदान प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए देय होगा. वहीं, रोहतास, सीवान, पश्चिमी चंपारण और किशनगंज के मौसम की अच्छी स्थिति रहने के कारण वहां के किसानों को इनपुट अनुदान का लाभ नहीं दिया जाना है.
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