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जनता की शाही सवारी व पुलिस को लखपति बना रहे लुकस-चांद

Updated at : 06 Oct 2019 4:10 AM (IST)
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जनता की शाही सवारी व पुलिस को लखपति बना रहे लुकस-चांद

पटना : अश्वारोही सैन्य पुलिस एमएमपी आरा का स्थापना शताब्दी समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए जोर-शोर से तैयारी चल रही हैं. समारोह 19 अक्तूबर को है. इसमें एमएमपी के घोड़े जौहर दिखाने को तैयार किये जा रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई वीआइपी काे समारोह का खास मेहमान बनाने का प्रयास चल रहा […]

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पटना : अश्वारोही सैन्य पुलिस एमएमपी आरा का स्थापना शताब्दी समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए जोर-शोर से तैयारी चल रही हैं. समारोह 19 अक्तूबर को है. इसमें एमएमपी के घोड़े जौहर दिखाने को तैयार किये जा रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई वीआइपी काे समारोह का खास मेहमान बनाने का प्रयास चल रहा है.

मेवाड़ के महाराणा प्रताप के घोड़ा चेतक की तरह ही तेजस्वी, लुकस व चांद बिहार अश्वारोही सैन्य पुलिस (एमएमपी) में फेमस हैं. एमएमपी आरा के पटना ट्रुप के अश्व लुकस व चांद उस शाही बग्घी के घोड़े हैं, जिसे डुमरांव के राजा ने एमएमपी आरा को गिफ्ट किया था. इसकी सवारी कराकर वह पुलिस के खजाने को भर रहे हैं.
तेजस्वी इतना सधा हुए घोड़ा है कि वह अज्ञानी सवार को ऐसे साधे रखता है, मानों वह ज्ञानी घुड़सवार हो. इसी पर सवार होकर 15 अगस्त कमांडर ने परेड की कमान संभाली थी. समारोह के लिए सीएम नीतीश कुमार, डीजीपी सहित कई खास मेहमानों को निमंत्रण भेजा जा रहा है. अश्वों से जुड़ी खेल प्रतियोगिता के लिए यूपी, पंजाब, ओड़िशा, बंगाल, बिहार आदि राज्यों व बीएसएफ, आइटीबीपी की अश्वारोही टीमों को बुलाया गया है.
फिक्स है डाइट
एमएमपी के गठन की कहानी भी बड़ी रोचक है. एक पदाधिकारी बताते हैं कि आरा के पीरो में हुए दंगे को रोकने में अंग्रेज भी विफल हो गये तो उन्होंने हैदराबाद के निजाम से मदद मांगी थी. निजाम ने अपना एक घुड़सवार दस्ता भेजा. दंगा को इस इस दस्ता ने जिस तरह काबू में किया तो अंग्रेज भी कायल हो गये. उन्होंने ने अश्वारोही बटालियन का ही गठन कर दिया.
आज भी टाल के इलाके में गश्त से लेकर दुर्गा पूजा या अन्य बड़े मेला समारोह में अश्वारोही पुलिस तैनात की जाती है. एमएमपी के अश्व की दिनचर्या सुबह साढ़े पांच बजे से शुरू होकर रात साढ़े सात बजे तक चलती है. इसमें इनकी परेड, दाना-पानी, मालिश सब होता है. खाने में जई, चना, चोकर, गुड़ , सोयाबीन, हरी घास निर्धारित मात्रा में दी जा रही है.
डुमरांव के राजा की बग्घी
आम जनता दस हजार रुपये में डुमरांव के राजा की बग्घी की सेवा
ले सकती है. इसके लिये तीस दिन पहले आवेदन करना होगा. यह चितकोहरा कैंप पटना के पांच किमी की परिधि के लिये आरक्षित होती है. अश्वारोही सैन्य पुलिस के पास एक खुली बग्घी भी है. इसे 15 हजार रुपये में बुक कराया जा सकता है.
अश्वारोही सैन्य पुलिस आरा का स्थापना शताब्दी समारोह को यादगार बनाने के लिये कई कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी. खास मेहमानों को निमंत्रण भेजा जा रहा है. आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है.
सुशील कुमार, एसपी भोजपुर सह कमांडेंट, एमएमएपी आरा
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