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पटना : 31 दिसंबर तक तालाबों से अतिक्रमण हटाएं : मुख्य सचिव

Updated at : 17 Sep 2019 7:11 AM (IST)
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पटना : 31 दिसंबर तक तालाबों से अतिक्रमण हटाएं : मुख्य सचिव

पटना : जल संरक्षण को लेकर राज्य भर के तालाबों से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को दी गयी है. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सोमवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख से अधिक बड़े तालाब हैं, जिनको चिह्नित किया गया है. […]

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पटना : जल संरक्षण को लेकर राज्य भर के तालाबों से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को दी गयी है. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सोमवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की.
बैठक के बाद उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख से अधिक बड़े तालाब हैं, जिनको चिह्नित किया गया है. सभी जिलाधिकारियों को 31 दिसंबर तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है. इसी तरह से राज्य में साढ़े तीन लाख कुएं हैं. इसका जल संरक्षण कर भूगर्भ जल को रिचार्ज किया जा सकता है.
मुख्य सचिव दीपक कुमार सोमवार को जल जीवन हरियाली अभियान को लेकर आयोजित विशेषज्ञ समूह की बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य में पानी की किल्लत हुआ है. दरभंगा जैसे जगह में जहां पर हमेशा भू-जल स्तर ठीक रहता है. इस साल गर्मी के कारण वहां के चापाकल भी सूख गये. इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल जीवन हरियाली अभियान की शुरुआत की. इसका विधिवत लांचिंग दो अक्तूबर को होना है. उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य कंपोनेंट जल ही है.
जल का संरक्षण, रेन हार्वेस्टिंग, बारिश के दिनों में नदियों में जो पानी आता है,उसका संरक्षण करना है. इसकी शुरुआत गंगा नदी से होगी. उत्तर बिहार की नदियों और गंगा के पानी को दक्षिण बिहार पहुंचाने की कोशिश की जायेगी. उन्होंने बताया कि जल संरक्षण अभियान की शुरुआत सबसे पहले गंगा नदी से ही की जायेगी. इस अभियान से तालाबों को भी जोड़ा गया है. इस विभाग का नोडल विभाग जल संसाधन विभाग है.
बिहार भगवान का लाड़ला बेटा
समूह की बैठक को संबोधित करते हुए जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने बताया कि बिहार भगवान का लाड़ला बेटा है. भगवान ने बिहार को अधिक प्राकृतिक संपदा दी है. उनका सुझाव था कि जल प्रबंधन से समाज को जोड़ना होगा.
तभी यह अभियान संभव होगा. लोगों को यह बताना होगा कि यह पानी आपका ही है और इसको आपको बचाना और उपयोग भी लोगों को ही करना है. जब तक यह नहीं समझायेंगे तब तक इसका फलाफल नहीं निकलेगा. इस अभियान से लोगों को जोड़े.
उन्होंने कहा कि जमीन में जल रहेगा वहां हरियाली आयेगी. बिहार अगर जल प्रबंधन को बेहतर कर लेता है तो यह सबसे सुखी और समृद्ध राज्य होगा. मौके पर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार, पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, लघु जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक, खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविंद चौधरी और अन्य मौजूद थे.
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