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अपराधियों के पकड़ाने पर आया था लल्लू मुखिया का नाम, ठेकेदारी के कारण अनंत से बढ़ी थी नजदीकियां

Updated at : 30 Aug 2019 6:17 AM (IST)
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अपराधियों के पकड़ाने पर आया था लल्लू मुखिया का नाम, ठेकेदारी के कारण अनंत से बढ़ी थी नजदीकियां

ठेकेदारी में वर्चस्व कायम करने के लिए अनंत सिंह से बढ़ी थी नजदीकी पटना/बाढ़ : मोकामा के निर्दलीय बाहुबली विधायक अनंत सिंह और बाढ़ की नवादा पंचायत अंतर्गत गुलाबबाग गांव निवासी कर्मवीर यादव उर्फ लल्लू मुखिया का संबंध एनटीपीसी में अधिपत्य जमाने को लेकर हुआ. विधायक अनंत सिंह एनटीपीसी पर एकाधिकार जमाना चाहते थे और […]

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ठेकेदारी में वर्चस्व कायम करने के लिए अनंत सिंह से बढ़ी थी नजदीकी
पटना/बाढ़ : मोकामा के निर्दलीय बाहुबली विधायक अनंत सिंह और बाढ़ की नवादा पंचायत अंतर्गत गुलाबबाग गांव निवासी कर्मवीर यादव उर्फ लल्लू मुखिया का संबंध एनटीपीसी में अधिपत्य जमाने को लेकर हुआ. विधायक अनंत सिंह एनटीपीसी पर एकाधिकार जमाना चाहते थे और उस इलाके में लल्लू मुखिया की काफी अच्छी पकड़ थी.
इसके कारण दोनों ने हाथ मिला लिया और कई साल से एनटीपीसी के ठेकेदारी के काम में किसी अन्य को प्रवेश नहीं करने दिया. अनंत सिंह व लल्लू मुखिया के इशारे पर उनके ही लोगों को ठेकेदारी मिलती थी. सूत्रों का कहना है कि दो दशक पहले एनटीपीसी इलाके में बौधू यादव का वर्चस्व था. लल्लू मुखिया का संबंध बौधू यादव से था. लेकिन एक दशक पहले एनटीपीसी के निर्माण के दौरान ही बौधू यादव की हत्या कर दी गयी और फिर लल्लू मुखिया ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली.
उसके बाद लल्लू मुखिया ने एनटीपीसी में ठेकेदारी को लेकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. इस दौरान उन्होंने उस इलाके के कई लोगों को रोजगार दिलाया. जिसके कारण स्थानीय समर्थन काफी मिलने लगा. इसी दौरान अनंत सिंह के साथ उनका रिश्ता गहरा हो गया.
रामजन्म यादव से था मुकाबला : लल्लू मुखिया का सबसे बड़ा विरोधी पंडारक थाना क्षेत्र के लेमुआबाद निवासी रामजन्म यादव था. रामजन्म यादव एनटीपीसी में लल्लू मुखिया के वर्चस्व कायम करने को लेकर राह का सबसे बड़ा रोड़ा था.
उसने लल्लू मुखिया के लिए काफी परेशानी पैदा कर दी थी. दो-ढाई साल पहले रामजन्म यादव की चलती ट्रेन में अथमलगोला स्टेशन के पास पाटलिपुत्र ट्रेन में गोली मार दी गयी थी. इस मामले में लल्लू मुखिया का नाम सामने आया था. यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है.
काफी कम समय में अर्जित की करोड़ों की संपत्ति : लल्लू मुखिया और अनंत सिंह की दोस्ती लगातार बढ़ती चली गयी. लेकिन एक साल पहले दोनों में भी कुछ लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, जिसे बिना किसी हस्तक्षेप के आपस में सुलझा लिया. मोकामा विधायक का समर्थन मिलने के बाद लल्लू मुखिया ने अपने बचे हुए सारे प्रतिद्वंद्वी को धूल चटा दिया.
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