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फुलवारीशरीफ : जल्द लागू होगा स्टेट एनिमल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान

Updated at : 14 Aug 2019 7:46 AM (IST)
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फुलवारीशरीफ  : जल्द लागू होगा स्टेट एनिमल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान

फुलवारीशरीफ : बिहार राज्य में आपदा के दौरान पशुओं के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार जल्द ही स्टेट एनिमल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान लेकर आ रही है. पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा इस प्लान को अमलीजामा पहनने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है. इस प्लान को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन […]

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फुलवारीशरीफ : बिहार राज्य में आपदा के दौरान पशुओं के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार जल्द ही स्टेट एनिमल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान लेकर आ रही है. पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा इस प्लान को अमलीजामा पहनने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है. इस प्लान को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन और पालिसी पर्सपेक्टिव फाउंडेशन ने मिलकर तैयार किया है.

इस प्लान को लागू किये जाने से पहले त्रुटियां के परिशोधन, महत्वपूर्ण बिंदुओं को जोड़ने तथा विशेषज्ञों द्वारा अवलोकन व सुझाव के दृष्टिकोण से एक कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय में मंगलवार को हुआ.
इस कार्यशाला का उद्घाटन बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन व्यास जी, राज्य पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग की सचिव डॉ एन विजयलक्ष्मी, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार एके सामैयार, केएम सिंह, पीएन राय व यूके मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग की सचिव डॉ एन विजयलक्ष्मी ने कहा कि आपदा के वक्त पशुओं का ख्याल रखना उतना ही आवश्यक है जितना की मनुष्यों को बचाना.
सभी जिलाधिकारियों का यह दायित्व है कि आपदा के दौरान पशुओं का उचित प्रबंधन किया जाये. इस कार्य के तहत पशुओं को कैटल कैंप में रखना और उनके चारे का समुचित प्रबंध करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि प्लान बनाना बड़ी बात नहीं है, उसका सही रूप से पालन किया जाये. राज्य में मानव संसाधन की कमी है. मौके पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पीएन राय ने कहा कि बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में राज्य अपने जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है.
सदस्य यूके मिश्रा ने राष्ट्र के विभिन्न प्रतीकों पर पशुओं का महत्ता और पशुओं का मानव जीवन से लगाव पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम के उद्घाटन के पूर्व बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार एके सामैयार ने अतिथियों और राज्य भर से आये हुए पशुचिकित्सकों का स्वागत किया.
पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग के निदेशक डॉ विनोद सिंह गुंजियाल ने एनिमल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा की. मौके पर बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ जेके प्रसाद, डॉ गगन, डॉ रवींद्र कुमार सिंह, डॉ गजेंद्र शर्मा, डॉ विपिन कुमार राय, डॉ पंकज कुमार, डॉ सरोज कुमार आदि मौजूद थे.
प्लान में बर्ड फ्लू जोड़ने की सलाह
आपदा में पशुओं को बचने के लिए मैनपावर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. सचिव ने एनिमल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान में बर्ड फ्लू को भी जोड़ने की सलाह दी. बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह ने कहा कि पिछले महीने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा राज्य के 1180 पशुचिकित्सकों को आपदा के दौरान पशुओं के प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया जो बहुत कारगर सिद्ध हुआ है.
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