2014-15 के नियोजन से अब तक की रिक्तियों को नये नियोजन में जोड़ा जायेगा
Updated at : 12 Aug 2019 7:52 AM (IST)
विज्ञापन

पटना : शिक्षक नियोजन वर्ष 2019 में 2014-15 से अब तक नियोजन की शेष रह गयी रिक्तियों को ही भरा जाना है. इस आशय के आधिकारिक संकेत मिले हैं. इस बात से साफ हो गया है कि 2016 के शिक्षक नियोजन में खाली रह गये पदों के लिए कोई दूसरी सूची नहीं आने वाली है. […]
विज्ञापन
पटना : शिक्षक नियोजन वर्ष 2019 में 2014-15 से अब तक नियोजन की शेष रह गयी रिक्तियों को ही भरा जाना है. इस आशय के आधिकारिक संकेत मिले हैं. इस बात से साफ हो गया है कि 2016 के शिक्षक नियोजन में खाली रह गये पदों के लिए कोई दूसरी सूची नहीं आने वाली है.
जिले के 23 प्रखंड और सात नगरीय निकायों से जुटायी जा रही है जानकारी : सूत्रों के मुताबिक 2014-15 के बाद खाली रह गयी सीटों की जानकारी जुटायी जा रही है. इसमें जिले के 23 प्रखंड और सात नगरीय निकायों से जानकारी जुटायी जा रही है. इसके लिए बाकायदा रोस्टर तैयार किया जा रहा है. अकेले पांचवें चरण में खाली रह गयी रिक्तियों की संख्या 753 है.
पांचवें चरण में 908 में से केवल 155 पद ही भरे जा सके हैं. इसी तरह
पिछले नियोजनों की जानकारी भी जुटायी जा रही है. यहां तक कि काउंसेलिंग के बाद निकाली गयी मेरिट में 223 अभ्यर्थियों में से 155 अभ्यर्थी ही नियुक्ति पत्र लेने आये. गौरतलब है कि वर्ष 2012 के शिक्षक नियोजन की रिक्तियों को 2014 के नियोजन में समाहित किया गया था.
विद्यार्थी व टीचर अनुपात के आधार पर सीट संख्या तय की जायेगी : उल्लेखनीय है कि रोस्टर तय करने की समय सीमा 16 अगस्त है. इस अवधि तक हर हाल में रोस्टर फाइनल करना है.
इसमें आरक्षण कोटि तय की जायेगी. खास तौर पर इसमें विद्यार्थी व टीचर अनुपात के आधार पर सीट संख्या तय की जायेंगी. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना ) केशव प्रसाद ने बताया कि नये शिक्षक नियोजन में पुराने समय के नियोजनों की रिक्तियों को समाहित किया जायेगा. हालांकि इस संबंध में अपनायी जा रही प्रक्रिया का फाइनल होना अभी बाकी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




