पटना सिटी : पीजी व यूजी छात्रों के लिए 800 बेडों का बनेगा हॉस्टल

Updated at : 11 Jul 2019 9:01 AM (IST)
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पटना सिटी : पीजी व यूजी छात्रों के लिए 800 बेडों का बनेगा हॉस्टल

पटना सिटी : नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीजी व यूजी छात्र-छात्रओं के लिए 800 बेडों का हॉस्टल बनेगा. इसके टेंडर की प्रक्रिया आरंभ हो गयी है. सुविधाओं से लैस हॉस्टल का निर्माण बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रचर काॅर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) करा रही है. बीएमएसआइसीएल के जीएम संजीव रंजन ने इसकी जानकारी देते हुए बताया […]

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पटना सिटी : नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीजी व यूजी छात्र-छात्रओं के लिए 800 बेडों का हॉस्टल बनेगा. इसके टेंडर की प्रक्रिया आरंभ हो गयी है. सुविधाओं से लैस हॉस्टल का निर्माण बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रचर काॅर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) करा रही है. बीएमएसआइसीएल के जीएम संजीव रंजन ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि 800 बेडों के हॉस्टल में 400 बेड यूजी के छात्रों व 400 पीजी के छात्रों के लिए होगा.
यूजी के 400 बेड के हॉस्टल में 200 छात्र व 200 छात्राओं के लिए होगा. यही व्यवस्था पीजी के छात्र-छात्राओं के लिए भी होगी. इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया आरंभ करायी गयी है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी इसका निर्माण कार्य आरंभ हो जायेगा.
हॉस्टल का निर्माण अस्पताल परिसर की जमीन पर होगा.
पटना सिटी : नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के उपचार की व्यवस्था, पुर्जा पर डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखते है या नहीं, इसका जायजा लेने के लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची. टीम में शामिल विभाग के अपर निदेशक डॉ उमेश्वर प्रसाद वर्मा व डॉ शिव चंद्र भगत के साथ देवाशीष चटर्जी शामिल थे. टीम ने अस्पताल की इमरजेंसी को देखा व वहां उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली. मरीजों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी पूछ कर ली.
इसके बाद टीम केंद्रीय रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंची व वहां की व्यवस्था और मरीजों को होने वाली परेशानी को जाना. इसके बाद टीम महिला व प्रसूति विभाग में गयी और जांच- पड़ताल की. इसके बाद मेडिसिन, ऑर्थो, नेत्र, शिशु, गायनी व सर्जरी समेत अन्य विभागों के ओपीडी का निरीक्षण किया. इस दरम्यान मरीजों के पुर्जे को देखा कि इसमें डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिख रहे हैं कि नहीं. टीम के साथ अस्पताल अधीक्षक डॉ चंद्रशेखर व उपाधीक्षक डॉ गोपाल कृष्ण के साथ विभागाध्यक्ष व चिकित्सक भी थे.
टीम जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी
बताया जाता है कि टीम जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी. अधीक्षक ने बताया कि टीम निरीक्षण कर वापस लौटी है. कर्मियों की मानें तो मरीजों को दवा नहीं मिलने, ट्रॉली मैन द्वारा पैसा लेने व लेबर रूम में खुशीनामा मांगने जैसी शिकायतें मिली थीं. इसी के आलोक में टीम जांच को पहुंची थी.
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