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पटना : डंठल जलाने की सलाह देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, सीएम नीतीश कुमार ने दिया निर्देश

Updated at : 06 Jun 2019 7:09 AM (IST)
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पटना : डंठल जलाने की सलाह देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, सीएम नीतीश कुमार ने दिया निर्देश

पटना : फसल की कटनी के बाद खेतों में बचे अवशेषों और डंठलों को जलाने की सलाह देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी डीएम को निर्देश दिया. साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का भी टास्क दिया […]

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पटना : फसल की कटनी के बाद खेतों में बचे अवशेषों और डंठलों को जलाने की सलाह देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी डीएम को निर्देश दिया.
साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का भी टास्क दिया है. समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा और वायु प्रदूषण कम करने के लिए यह आवश्यक है. इस संबंध में कृषि विभाग को निर्देश दिया गया था, लेकिन वह नहीं कर सका. ग्राउंड वाटर लेवल घटने पर भी उन्होंने चिंता जतायी.
सीएम ने कहा कि जहां भी सड़कें बनायी जायेंगी, उनकी दोनों ओर पेड़ लगाये जायेंगे. उन्होंने कहा कि फसल की कटनी के बाद खेतों में बचे अवशेषों को पहले केवल रोहतास, कैमूर, भोजपुर और बक्सर जिलों में ही जलाया जाता था.
लेकिन अब धीरे-धीरे ऐसा उत्तर बिहार में भी होने लगा है. दिल्ली के वायु प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब में फसल के अवशेषों को जलाना भी इसका एक कारण है. उन्होंने कहा कि सांसद रहने के दौरान दिल्ली में संसद भवन से करीब एक किमी की दूरी पर उनका आवास था. सिर्फ इतनी ही दूरी तय करने के बाद वायु प्रदूषण के कारण आंखें लाल हो जाती थीं.
मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन द्वारा संपोषित फाॅरेस्ट फॉर वाटर एंड प्रोस्पेरिटी (फारेस्ट प्लस 2.0) का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने योेजना बनाकर घर-घर रसोई गैस पहुंचवाय. इससे केराेसिन की उपयोगिता कम हुई है. घर-घर बिजली आने से भी इसकी जरूरत कम हुई है.
इसके बावजूद दुनिया के किसी भी देश में होने वाले प्रदूषण का असर वायुमंडल पर पड़ रहा है. इसके कारण माॅनसून आने में देरी होती है और बारिश की मात्रा में भी कमी आयी है. करीब 13 साल पहले जहां बिहार में औसतन 1200 से 1300 मिमी बारिश होती थी, वहीं अब यह 900 मिमी पर आ गयी है. पिछले साल 771 मिमी बारिश हुई. पिछले 13 साल में केवल दो साल ही 1000 मिमी बारिश हुई है. यदि जेठ महीने में पूरबा हवा चलेगी तो सावन और भादो में धूल उड़ेगा. यही अभी हो रहा है.
जैविक खेती को बढ़ावा
जैविक खेती के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा किनारे के 12 जिलों में इसे बढ़ावा दिया जा रहा है. जैविक खेती के लिए 30 डिसमिल जमीन वालों को आठ हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है. साथ ही फसल चक्र के बारे में भी काम हो रहा है, जिससे कि सूखे की नौबत नहीं आये.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में बिहार के लोगों ने काम सौंपा तो यहां का हरित आवरण नौ फीसदी था. तब से अब तक करीब 23 करोड़ पेड़ लगाये गये. 2015 तक हरित आवरण बढ़कर 15 फीसदी पर पहुंच गया है. जापान में खास तरह के पेड़ लगाये जाते हैं.
ऐसे पेड़ मुख्यमंत्री आवास में प्रयोग के तौर पर लगाने का वन संरक्षक गोपाल सिंह को कहा गया है. पौधारोपण में सामाजिक काम में रुचि रखने वालों को लगना चाहिए. लोगों को प्रशिक्षित करना चाहिए.
साफ-सफाई का रखें ध्यान
उन्होंने कहा कि जापान के किसी भी शहर में एक भी जगह कचरा नहीं दिखता. वहां 80 साल के उम्र वाले भी सफाई में लग जाते हैं. वहीं बिहार में छठ के अवसर पर हर तरफ सफाई होती है. कोई थूक तक नहीं फेंकता. यही भावना लोगों में आनी चाहिए.
विश्व पर्यावरण दिवस के साथ ईद और संपूर्ण क्रांति दिवस
पांच जून के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन खास है, क्योंकि इस दिन विश्व पर्यावरण दिवस के साथ ही ईद और संपूर्ण क्रांति दिवस भी है.
लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने पांच जून, 1974 को संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया था. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और राम मनोहर लोहिया ने भी पर्यावरण के लिए बहुत काम किया. उन्होंने कहा कि जीविका समूह की ओर से ग्रामीण और अन्य की ओर से शहरी इलाकों में पर्यावरण जागरूकता अभियान चलेगा. उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है. सड़क निर्माण में कचरे वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है. ग्रामीण कार्य विभाग ने इसकी शुरुआत कर दी है.
इस अवसर पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया. इसमें एनसीसी, एसएसबी और दानापुर रेजिमेंटल सेंटर भी शामिल हैं. इस मौके पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पीसीसीएफ डीके शुक्ला, परिवहन सचिव संजय अग्रवाल, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के चेयरमैन एके घोष और मेंबर सचिव आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे.
बैट्री चालित गाड़ियों पर 50% कम टैक्स लगेगा : मोदी : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वायु की गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए बैट्री चालित वाहनों पर 50% कम टैक्स लगेगा. बैट्री चालित वाहनों के लिए रिचार्ज स्टेशन की स्थापना होगी. पेट्रोल पंप और वाहनों के सर्विस सेंटर पर 501 प्रदूषण जांच केंद्र खोले जायेंगे.
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