बिहार की क्षेत्रीय भाषाओं को मिलेगा प्रोत्साहन, सुधारों से बदलेगी स्थानीय भाषा की सूरत

Updated at : 27 May 2019 4:03 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार की क्षेत्रीय भाषाओं को मिलेगा प्रोत्साहन, सुधारों से बदलेगी स्थानीय भाषा की सूरत

पटना : बिहार बोर्ड की तरफ से एनआरबी और एमबी को खत्म कर अंग्रेजी व हिंदी के अलावा एक अतिरिक्त भाषा का विकल्प देकर क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. जानकारों के मुताबिक इससे विद्यार्थी न केवल अपनी स्थानीय भाषा से जुड़ेंगे, बल्कि वे सौ […]

विज्ञापन

पटना : बिहार बोर्ड की तरफ से एनआरबी और एमबी को खत्म कर अंग्रेजी व हिंदी के अलावा एक अतिरिक्त भाषा का विकल्प देकर क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. जानकारों के मुताबिक इससे विद्यार्थी न केवल अपनी स्थानीय भाषा से जुड़ेंगे, बल्कि वे सौ नंबर के इसके पेपर में अच्छे अंक लाकर अपना अंक प्रतिशत भी सुधार सकेंगे.

एक्सपर्टस का कहना है कि बिहार बोर्ड के इस सुधार से छात्र मैथिली के अलावा भोजपुरी व मगही में दिल्ली के जेएनयू आदि कॉलेजों में भाषा विषय में प्रवेश पा सकेंगे.
सबसे अधिक फायदा साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के बच्चे उठायेंगे : सूत्र के मुताबिक इसका सबसे अधिक फायदा साइंस व कॉमर्स स्ट्रीम के बच्चे उठायेंगे. क्योंकि, उनका मुख्य स्ट्रीम विषय का माध्यम अंग्रेजी होता है. इसलिए वे अनिवार्य भाषा विषय में अंग्रेजी को स्वाभाविक तौर पर रखेंगे. 100 नंबर के दूसरे विषय में वह कोई एक अन्य भाषा का अध्ययन करेंगे. छठवें विषय के रूप में एक अतिरिक्त भाषा विषय में लोकल लेंग्वेज ही पढ़ेंगे.
यूपीएससी व बीपीएससी में मिलेगी सहूलियत
चूंकि, यूपीएसएसी व बीपीएससी में बिहार की लोकल लेंग्वेज में मैथिली मान्य भाषा विषय है. बच्चे कक्षा 11 से ही उसे पूर्णकालिक विषय के रूप में पढ़ेंगे, तो यह विषय उनके लिए अधिक उपयोगी होगा. जानकारों के मुताबिक कालांतर में भोजपुरी और मगही को भी अगर नौ भाषा अनुसूची में जगह मिलती है, तो बिहार के विद्यार्थियों के लिए स्वर्णिम अवसर हो सकता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन