उपहार देने का लालच देकर अब तक करोड़ों की लगा चुके हैं चपत ठग गिरोह का भंडाफोड़

पटना: लॉटरी लगने व बड़े उपहार का प्रलोभन देकर पटना समेत कई शहरों में सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके जालसाजों के गिरोह का पटना पुलिस ने खुलासा किया है. इस गिरोह के तीन लोगों रंजीत कुमार (रिखिया मोहनपुर, देवघर, झारखंड), परमहंस पाठक (गोपालपुर, दिनारा, रोहतास वर्तमान राजीव नगर) व राकेश कुमार (महेश […]
पटना: लॉटरी लगने व बड़े उपहार का प्रलोभन देकर पटना समेत कई शहरों में सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके जालसाजों के गिरोह का पटना पुलिस ने खुलासा किया है.
इस गिरोह के तीन लोगों रंजीत कुमार (रिखिया मोहनपुर, देवघर, झारखंड), परमहंस पाठक (गोपालपुर, दिनारा, रोहतास वर्तमान राजीव नगर) व राकेश कुमार (महेश नगर इंद्रपुरी, पाटलिपुत्र) को पुलिस ने पकड़ लिया. इनके पास से 15 लाख 78 हजार नकद, 36 एटीएम कार्ड, आधा दर्जन मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेज बरामद किये गये हैं. इन लोगों ने डाकबंगला चौराहे के पास एनपी सेंटर (406) में कैम्फर कॉन कास्ट लिमिटेड कंपनी के कार्यालय के नाम पर ठगी की दुकान खोल रखी थी. इस कार्यालय में कंप्यूटर से लेकर बैठने के लिए फर्नीचर व कर्मचारियों के काम करने की भी व्यवस्था थी. एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि इस गिरोह में शामिल अन्य जालसाजों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है. इसके साथ ही इन लोगों के पाकिस्तान से संपर्क का भी सत्यापन किया जा रहा है.
रिजेंट सिनेमा हॉल के पास पकड़े गये : पुलिस को सूचना मिली कि हवाला से जुड़े कुछ अपराधी रिजेंट सिनेमा हॉल के पास जुटनेवाले हैं. इस सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की और मौके से रंजीत कुमार को पकड़ लिया. इसके पास से जब 36 एटीएम कार्ड और 40 हजार रुपये नकद बरामद किया गया, तो वह जवाब नहीं दे पाया. इसकी निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत एनपी सेंटर में स्थित कैम्फर कॉन कास्ट लिमिटेड के कार्यालय में छापेमारी की और वहां से परमहंस पाठक व राजेश कुमार को पकड़ लिया. इन लोगों के पास से 15 लाख 38 हजार नकद व मोबाइल फोन बरामद किये
गये. इन लोगों ने पूछताछ के बाद बताया कि कंपनी मैनेजर सुनील कुमार व पुरुषोत्तम गुप्ता के मौखिक निर्देश पर ये रकम की प्राप्ति व भुगतान करते हैं. इन लोगों ने यह भी बताया कि अब तक ये लोग कई करोड़ का धंधा कर चुके हैं.
पाकिस्तान से जुड़े हैं गिरोह के तार
इस गिरोह के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं. वहां से ही धंधे को संचालित किया जा रहा है. बताया जाता है कि पाकिस्तान के नंबर से ही किसी भी व्यक्ति को लॉटरी निकलने व बड़े उपहार का प्रलोभन दिया जाता है. इसके बाद इस गिरोह का काम शुरू हो जाता है. इसके बाद रजिस्ट्रेशन व अन्य कारण बता कर पाकिस्तान से ही पैसों को बताये गये एकाउंट में जमा करने का निर्देश दिया जाता है. अगर कोई व्यक्ति उनके झांसे में आकर उनके बताये गये एकाउंट में पैसों को जमा कर देता है, तो पटना में सक्रिय गिरोह के सदस्य तुरंत उस एकाउंट से एटीएम की मदद से पैसे निकाल लेते हैं, क्योंकि पैसा जमा करते ही इनके मोबाइल पर एसएमएस आ जाता था. सारे पैसे जमा होने के बाद ये लोग हवाला के माध्यम से पैसों का भुगतान पाकिस्तान में बैठे अपने संचालक को कर देते हैं. गिरोह में दो दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं.
कंप्यूटर से खुलेगा राज
पुलिस ने कंपनी के कार्यालय से एक कंप्यूटर व एक रजिस्टर बरामद किया है. इससे पुलिस यह जानकारी लेगी कि कौन-कौन लोग इस धंधे में शामिल हैं. बताया जाता है कि उस कंप्यूटर व रजिस्टर में उन लोगों के नाम व पता हैं, जिन्हें कंपनी की ओर से पैसों का भुगतान किया गया है.
अन्य राज्यों में फैले हैं एजेंट
अभी तक के अनुसंधान में पुलिस को यह जानकारी मिली है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है. इन राज्यों में भी इनके एजेंट हैं, जो पैसों को एटीएम से निकालने व अपना कमीशन लेने के बाद बाकी के पैसों को हवाला के माध्यम से अपने मालिक तक पहुंचाने के कार्य में जुटे हैं.
पकड़ना पुलिस के लिए भी कठिन
गिरोह का संचालक अभी फरार है, क्योंकि वह पाकिस्तान में बैठ कर गिरोह का संचालन कर रहा है. हमेशा किसी प्रकार की ठगी का मामला सामने आने पर पुलिस जब उस मोबाइल नंबर का पता लगाने का प्रयास करती थी, तो यह जानकारी मिलती थी कि वह मोबाइल नंबर पाकिस्तान का है. कानूनी अड़चन के कारण पुलिस पाकिस्तान में बैठे संचालक तक नहीं पहुंच पाती है. पिछले दिनों भी इसी तरह के गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया था, लेकिन केवल गिरोह के छोटे सदस्य ही हाथ लगे थे.
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