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CM नीतीश के बयान के विरोध में विपक्षी पार्टियों का राजभवन मार्च, सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचा राजभवन

Updated at : 10 Jan 2019 1:58 PM (IST)
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CM नीतीश के बयान के विरोध में विपक्षी पार्टियों का राजभवन मार्च, सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचा राजभवन

पटना : बिहार के सीएम नीतीश कुमार के ‘सड़क छाप’ के बयान को लेकर एक बार फिर से बिहार में सियासत गरमा गयी है. राजद में हाल ही शामिल हुए विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के शामिल होने के सवाल पर पूछे गये एक सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिये गये बयान […]

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पटना : बिहार के सीएम नीतीश कुमार के ‘सड़क छाप’ के बयान को लेकर एक बार फिर से बिहार में सियासत गरमा गयी है. राजद में हाल ही शामिल हुए विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के शामिल होने के सवाल पर पूछे गये एक सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिये गये बयान के बाद विवाद उत्पन्न हो गया है. विरोधियों को एक और मौका मिलते ही वे भुनाने में लग गये हैं. सूबे की विपक्षी पार्टियां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान के विरोध में राजभवन मार्च कर रही हैं.

मुख्यमंत्री के बयान के विरोध में महागठबंधन के नेताओं का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन के लिए रवाना हो गया है. महागठबंधन में शामिल दलों के एक-एक प्रतिनिधि को मिला कर सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बना कर हड़ताली मोड़ से महागठबंधन के नेता राजभवन रवाना हुए.

जानकारी के मुताबिक, महागठबंधन के राजभवन मार्च के लिए विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी राजधानी स्थित इनकम टैक्स गोलंबर पर पहुंच कर मार्च में शामिल हुए. राजभवन की ओर बढ़ रहे महागठबंधन के मार्च को प्रशासन ने रोक दिया है. बताया जाता है कि प्रशासन ने प्रतिबंधित क्षेत्र में मार्च नहीं करने की हिदायत दी है. साथ ही मार्च किये जाने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. वहीं, प्रशासन की ओर से वीडियोग्राफी करा कर मौजूद लोगों को चिह्नित भी किया जा रहा है.

एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने दिया था बयान, जदयू ने वीडियो ट्वीट कर दी थी सफाई

पूरा विवाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने महागठबंधन के नेताओं को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में ‘सड़क’ शब्द का प्रयोग किया था. लोकसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन में नये नेताओं के सवाल पर कहा कि किसी को भी सड़क से उठा कर गठबंधन में नेता बना लिया जा रहा है. नीतीश के इस बयान को विपक्ष ने आत्मसम्मान का मुद्दा बनाते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ बिगुल फुंक दिया है. मालूम हो कि मुख्यमंत्री के बयान को विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी से जोड़ कर देखा जा रहा है.

महागठबंधन के नेताओं ने बयान की निंदा की

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान की बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व राजद नेता तेजस्वी यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बयान की कड़ी निंदा की है. मालूम हो कि उपेंद्र कुशवाहा को लेकर पूछे गये सवाल को लेकर मुख्यमंत्री के दिये गये बयान पर भी भारी विरोध हुआ था. इसके बाद पटना कि सड़कों पर कुशवाहा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया था.

जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा ने किया राजभवन मार्च से किनारा!

महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के राजभवन मार्च में शामिल होने की अभी तक कोई सूचना नहीं है. हालांकि, राजद नेता तेजस्वी यादव के मार्च में शामिल होने की बात कही जा रही है. हालांकि, अभी तक वह मौके पर नहीं पहुंचे हैं.

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