पटना : जल्द होगी सूबे की अपनी बीज नीति, कवायद शुरू, जैविक खेती पर भी फोकस

Updated at : 03 Dec 2018 8:08 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : जल्द होगी सूबे की अपनी बीज नीति, कवायद शुरू, जैविक खेती पर भी फोकस

बीज उत्पादन में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी पटना : बीज उत्पादन में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कवायद शुरू हो गयी है. राज्य में बीज का मौजूदा बाजार सालाना 1250 करोड़ का है. राज्य में खपत का महज 23 फीसदी ही उत्पादन होता है. इसमें भी राज्य बीज निगम मांग का […]

विज्ञापन

बीज उत्पादन में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी

पटना : बीज उत्पादन में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कवायद शुरू हो गयी है. राज्य में बीज का मौजूदा बाजार सालाना 1250 करोड़ का है.

राज्य में खपत का महज 23 फीसदी ही उत्पादन होता है. इसमें भी राज्य बीज निगम मांग का सात प्रतिशत ही पूरा कर पाता है. बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही राज्य में बीज नीति लागू होगी. राज्य में तीसरा कृषि रोडमैप (2017-22) लागू है. रोडमैप में बीज उत्पादन और जैविक खेती पर खास फोकस किया गया है. जैविक बीज के उत्पादन पर जोर दिया गया है जबकि 2022 तक बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का भी लक्ष्य तय किया गया है.

अभी राज्य में सालाना 15 लाख क्विंटल बीज की जरूरत है. जबकि उत्पादन मात्र 3.5 लाख क्विंटल है. जो मांग का महज 23 फीसदी है. इसमें भी बिहार राज्य बीज निगम की भागीदारी महज सात फीसदी है. बीज निगम 1.12 लाख टन बीज सालाना उत्पादित कर पाता है. निजी बीज कंपनियां और पूरा करती हैं.

सूबे में 1250 करोड़ का है बीज बाजार

राज्य में सालाना 1250 करोड़ का बीज बाजार है. इसमें सबसे अधिक मक्का का है. मक्का बीज का 432 करोड़ का सालाना बाजार है. धान का 283 करोड़, गेहूं का 201 करोड़, सब्जी का 285 करोड़, दलहन का 35 और तेलहन के बीज का सालाना 14 करोड़ का कारोबार होता है. बताया जाता है कि कृषि विभाग ने बागरी से एक बीज नीति तैयार कराया है.

इसमें बीज उत्पादन में कैसे आत्मनिर्भर बना जाये इस पर फोकस किया गया है. विभाग में इस पर समीक्षा हो रही है. विभाग जब अपने स्तर पर संतुष्ट हो जायेगा तब मुख्यमंत्री के पास इसे भेजेगा. इमें कई नीतिगत निर्णय की भी चर्चा है. बीज का उत्पादन कैसे बढ़े, कैसे इसका प्रसंस्करण हो, निजी बीज कंपनियां यहां अपना उत्पादन करें इसके लिए इनको किस तरह की सुविधा दी जाये आदि शामिल हैं.

राज्य के किसान भी बीज उत्पादन में सहयोग करें. बीज निगम को कैसे और दुरुस्त किया जाये इनकी चर्चा है. बीज नीति में प्रसंस्करण से लेकर उसके उत्पादन, भंडारण, संग्रहण और बिक्री की चर्चा है. विभाग का जो बीज उत्पादन फार्म है उसका कैसे विकास हो, उसकी कमियों को दूर किया जाये आदि इस रिपोर्ट में शामिल हैं. विभाग अभी बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बीज ग्राम की स्थापना भी कर रहा है.

मंत्री ने कहा

कृषि विभाग राज्य को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से काम कर रहा है. 2022 तक बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके लिए जल्द ही बीज नीति बनेगी.

—डॉ प्रेम कुमार, कृषि मंत्री

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन